SPOT TV | Best News Channel

Sptlogo
October 28, 2026 7:08 pm
Download
Whatsapp Image 2025 10 04 At 2.23.52 Pm
Search
Close this search box.
R.P. Memorial Paramedical & Nursing College(RPM), नवादा में रोजगारपरक शिक्षा को दे रहा नई उड़ान।-R.P. Memorial Paramedical & Nursing College(RPM), नवादा में रोजगारपरक शिक्षा को दे रहा नई उड़ान।-R.P. Memorial Paramedical & Nursing College(RPM), नवादा में रोजगारपरक शिक्षा को दे रहा नई उड़ान।-R.P. Memorial Paramedical & Nursing College(RPM), नवादा में रोजगारपरक शिक्षा को दे रहा नई उड़ान।-R.P. Memorial Paramedical & Nursing College(RPM), नवादा में रोजगारपरक शिक्षा को दे रहा नई उड़ान।-R.P. Memorial Paramedical & Nursing College(RPM), नवादा में रोजगारपरक शिक्षा को दे रहा नई उड़ान।-R.P. Memorial Paramedical & Nursing College(RPM), नवादा में रोजगारपरक शिक्षा को दे रहा नई उड़ान।-कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी: पहले दिन गोवा ने बनाए 217 रन, बिहार को विकेट की तलाश.-कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी: पहले दिन गोवा ने बनाए 217 रन, बिहार को विकेट की तलाश.-कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी: पहले दिन गोवा ने बनाए 217 रन, बिहार को विकेट की तलाश.

पापमोचनी एकादशी आज, कीजिए और हो जाइए सारे पापों से मुक्त!

Share This News

Img 20250325 094316

New Delhi: पापमोचनी एकादशी का महत्व सनातन धर्म में बहुत व्यापक है। हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार, यह व्रत व्यक्ति को उसके द्वारा जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्त करता है और उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

वक्फ संसोधन विधेयक पर JDU का चौकाने वाला बयान।

पापों से मिलेगी मुक्ति

आपको बता दें कि वर्षभर में 24 एकादशियां होती हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी विशेष रूप से पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी गई है, इसलिए इसे “पापमोचनी” नाम दिया गया है।

आज है पापमोचनी एकादशी

वैदिक पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि की शुरुआत 25 मार्च को सुबह 05 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 26 मार्च को देर रात 03 बजकर 45 मिनट पर तिथि का समापन होगा। ऐसे में 25 मार्च को पापमोचनी एकादशी व्रत किया जाएगा।

क्या है महत्व?

सनातन धर्मग्रंथों के अनुसार, यह व्रत व्यक्ति को उसके द्वारा जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्त करता है और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। यह एकादशी विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी गई है, जो अपने जीवन में शांति, सुख और आध्यात्मिक उन्नति की इच्छा रखते हैं। ‘पदमपुराण’ के अनुसार जो भी व्यक्ति इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत करता है, वह अपने पापों का प्रायश्चित कर सकता है।

क्या है पूजा विधि?
पापमोचनी एकादशी के दिन श्रद्धालुओं को प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इस व्रत में भगवान् विष्णु के चतुर्भुज रूप की पूजा की जाती है । इस दिन भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने दीप जलाकर पूजा प्रारंभ की जाती है। भगवान को तुलसी पत्र, पीले पुष्प, धूप, दीप, फल और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। भक्तजन इस दिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप कर सकते हैं। विष्णु सहस्रनाम और भगवद्गीता का पाठ भी अत्यंत शुभ माना जाता है। और अगर ये भी नहीं कर पा रहे तो केवल राम नाम का जाप करें।कल्याण हो जाएगा।

डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories updates

R.P. Memorial Paramedical & Nursing College(RPM), नवादा में रोजगारपरक

Headlines नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा पर विशेष जोर युवाओं को मिलेगा कौशल.

कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी: पहले दिन गोवा ने बनाए

राजगीर : सी.के. नायडू ट्रॉफी एलीट के तहत बिहार और गोवा की अंडर-23.

Karmakandi Acharya Manoj Kumar Mishra Performs Vedic Rituals for

Patna, News Desk: “Yatra Dharma, Tatra Jaya” (Where there is Dharma, there.