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बाढ़ की पुकार: “जाते-जाते हमें जिला बना दीजिए”- अपने ही नेता Nitish Kumar से जनता और पत्रकार Rajesh Kumar की भावुक अपील।-बाढ़ की पुकार: “जाते-जाते हमें जिला बना दीजिए”- अपने ही नेता Nitish Kumar से जनता और पत्रकार Rajesh Kumar की भावुक अपील।-बाढ़ की पुकार: “जाते-जाते हमें जिला बना दीजिए”- अपने ही नेता Nitish Kumar से जनता और पत्रकार Rajesh Kumar की भावुक अपील।-बाढ़ की पुकार: “जाते-जाते हमें जिला बना दीजिए”- अपने ही नेता Nitish Kumar से जनता और पत्रकार Rajesh Kumar की भावुक अपील।-बाढ़ की पुकार: “जाते-जाते हमें जिला बना दीजिए”- अपने ही नेता Nitish Kumar से जनता और पत्रकार Rajesh Kumar की भावुक अपील।-Nishant Kumar की JDU में एंट्री, अब शुरू होगी असली राजनीतिक परीक्षा?-Nishant Kumar की JDU में एंट्री, अब शुरू होगी असली राजनीतिक परीक्षा?-Nishant Kumar की JDU में एंट्री, अब शुरू होगी असली राजनीतिक परीक्षा?-Nishant Kumar की JDU में एंट्री, अब शुरू होगी असली राजनीतिक परीक्षा?-Nishant Kumar की JDU में एंट्री, अब शुरू होगी असली राजनीतिक परीक्षा?

नहीं रहे ‘भारत कुमार’, 87 साल की उम्र में ली आखिरी सांस।

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Mumbai: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर और मशहूर डायरेक्टर मनोज कुमार का निधन हो गया है। अभिनेता ने 87 साल की उम्र में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मनोज कुमार ने अपने फिल्मों के माध्यम से भारतीय सभ्यता- संस्कृति और राष्ट्रवाद को प्रमुखता से पेश किया है। यही वजह है कि दुनिया भर में उन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से भी जाना जाता था। मनोज कुमार ने फिल्म जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब उनकी मौत से पूरी इंडस्ट्री शोक की लहर दौड़ गई है।

कई फिल्मों का निर्देशन किया

मनोज कुमार ने अपनी करियर में कई फिल्मों का निर्देशन और उनमें अभिनय किया, जिनमें ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘कर्मयुद्ध’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इनके लिए उन्हें पद्म श्री और दादा साहब फाल्के जैसी कई पुरस्कारों से नवाजा भी गया है। मनोज कुमार ने अपने करियर की शुरुआत साल 1975 में आई फिल्म ‘फैशन’ (1957) में एक छोटे से किरदार से की। हालांकि, उन्हें असली पहचान 1962 में रिलीज हुई फिल्म ‘हरीयाली और रास्ता’ से मिली। अभिनय के बाद उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया। इसकी शुरुआत उन्होंने 1965 की फिल्म ‘शहीद’ से की, जिसकी कहानी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के जीवन पर आधारित। उसके बाद उन्होंने 1967 की फिल्म ‘उपकार’ बनाई, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अब उनके निधन की खबर सुनने के बाद हर कोई सदमे में आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

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