
Patna, R. Kumar: बिहार की धरती एक बार फिर प्रतिभा की नई मिसाल पेश कर रही है। प्रख्यात गणितज्ञ के सानिध्य में रहकर, गणित के कई अनसुलझी गुत्थी सुलझाने वाले प्रख्यात गणितज्ञ मनोज कुमार अपने अनूठे शैक्षणिक मिशन “टैलेंटेड बिहार” के माध्यम से गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचाने का बीड़ा उठा चुके हैं।

बताया जाता है कि मनोज कुमार ने गणित की कई जटिल और अनसुलझी समस्याओं पर कार्य किया है। वे पहले भी न्यूटन के प्रसिद्ध Binomial Theorem (द्विपद प्रमेय) में संशोधन का दावा कर चुके हैं।


उनका कहना है कि उनके शोध को भविष्य में वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलेगी। यही कारण है कि लंदन स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स द्वारा उन्हें गेस्ट लेक्चरर के रूप में आमंत्रित किए जाने की चर्चा भी क्षेत्र में हो रही है। शिक्षा व्यवस्था में लगातार गिरते स्तर और बच्चों के मानसिक विकास की चुनौतियों को देखते हुए मनोज ने अपने निवास पर ही एक विशेष शैक्षणिक मॉडल विकसित किया है। यहां बच्चों को अपने साथ रखकर गणित सहित अन्य विषयों की गहन शिक्षा दी जाती है। उनके अनुसार केवल परीक्षा पास कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि बच्चों में तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना भी लक्ष्य है।


उन्होंने “Pleasure of Mathematics” नामक संस्था की स्थापना की है, जिसके माध्यम से प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। दूर-दराज के क्षेत्रों से अभिभावक और छात्र उनसे संपर्क कर रहे हैं। हालांकि सीमित संसाधनों और जगह की कमी के कारण सभी छात्रों का नामांकन संभव नहीं हो पा रहा है।

JEE प्रतिभाओं के लिए विशेष योजना
मनोज कुमार का कहना है कि जो छात्र JEE परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, उनके लिए विशेष शैक्षणिक व्यवस्था की गई है। ऐसे छात्रों को भौतिकी और रसायन विज्ञान की उन्नत शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकें।
‘गारंटी प्रोग्राम’ बना चर्चा का विषय
संस्था द्वारा संचालित गारंटी प्रोग्राम भी अभिभावकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके अंतर्गत—
प्रतिभाशाली छात्रों के लिए विशेष सफलता योजना।
कोटा से प्रशिक्षित योग गुरु द्वारा नियमित योग प्रशिक्षण।
एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए विशेष अध्ययन पद्धति।
प्रतिदिन 3 से 4 घंटे के गहन अध्ययन एवं मनन की व्यवस्था।
जूनियर वर्ग के छात्रों के मानसिक विकास और तार्किक क्षमता को बढ़ाने पर विशेष जोर।
छोटे बच्चों के लिए आवासीय (रेजिडेंशियल) शिक्षा कार्यक्रम की सुविधा।
गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा का संकल्प

मनोज कुमार का सबसे बड़ा सपना- आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों को मुफ्त शिक्षा, आवास और भोजन उपलब्ध कराकर उन्हें IIT, NIT तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि- “यदि यह पहल बड़े स्तर पर सफल होती है, तो यह बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक नई क्रांति साबित हो सकती है।”
क्या ‘टैलेंटेड बिहार’ मिशन आने वाले वर्षों में बिहार को नई शैक्षणिक पहचान दिलाएगा? यह सवाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।


