घोसी। मऊ जनपद के घोसी तहसील परिसर में आज एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कैंटीन का शुभारंभ किया गया। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अशोक कुमार सिंह ने फीता काटकर इस कैंटीन का शुभारंभ किया।
यह कैंटीन दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत दिव्यांग महिलाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से “शक्ति रसोई” के माध्यम से संचालित की जाएगी।
यह कैंटीन निष्ठा स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित की जा रही है, जिससे समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। इस पहल को स्थानीय स्तर पर काफी सराहना मिल रही है, क्योंकि इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), मऊ के प्रोजेक्ट ऑफिसर अरविंद पांडे ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी गरीबों, विशेषकर दिव्यांग महिलाओं को रोजगार से जोड़ना है।
एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि “शक्ति रसोई” केवल बेहतर सेवाएं देगी, बल्कि अन्य समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
बंद कैंटीन खोलने के लिए DM ने अधिवक्ताओं को दिया था आश्वासन
गौरतलब है कि तहसील दिवस के दौरान डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन मऊ के अध्यक्ष दिनेश राय के नेतृत्व में वरिष्ठ अधवक्ता कालिका दत्त पाण्डेय, राजेंद्र यादव, अनिल मिश्रा, सतीश कुमार पांडे, सुतीक्ष्ण मिश्र, अरविंद सिंह, उमाशंकर उपाध्याय समेत बड़ी तादाद में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र से तहसील परिसर में बंद कैंटीन शुरू कराने का आग्रह किया था। जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन दिया था और उसी क्रम में आज इस कैंटीन का शुभारंभ संभव हो सका।
कैंटीन के शुभारंभ कार्यक्रम में घोसी के नायब तहसीलदार अभिषेक वर्मा, वरिष्ठ लेखपाल सुधाकर, स्टेनो विपिन, अधिवक्ता सतीश कुमार पांडे, अधिवक्ता राजेंद्र यादव, अधिवक्ता उमाशंकर उपाध्याय, राजेश, बाबूलाल, कैलाश, धर्मेंद्र कुमार, नीतीश राजभर, सूरज, सूर्यनाथ, निष्ठा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष आनंद कुमारी पाण्डेय, मीरा देवी, सरोज, राधिका (दिव्यांग) एवं शकुंतला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



