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“SIR पर सुप्रीम कोर्ट में खुद उतरीं ममता बनर्जी, CJI बोले– ‘हर समस्या का समाधान होता है’-“SIR पर सुप्रीम कोर्ट में खुद उतरीं ममता बनर्जी, CJI बोले– ‘हर समस्या का समाधान होता है’-“SIR पर सुप्रीम कोर्ट में खुद उतरीं ममता बनर्जी, CJI बोले– ‘हर समस्या का समाधान होता है’-“SIR पर सुप्रीम कोर्ट में खुद उतरीं ममता बनर्जी, CJI बोले– ‘हर समस्या का समाधान होता है’-SDM मोहम्दाबाद गोहाना की कथित दमनकारी नीतियों के खिलाफ अधिवक्ताओं का ऐलान-ए-जंग, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने किया समर्थन-UGC के नए रेग्युलेशन के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, तहसील परिसर में चक्रमण कर सौंपा ज्ञापन-एसआईआर जांच के बाद नोटिस प्राप्त मतदाताओं की तहसील में हुई सुनवाई, दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया शुरू-बिहार की राजनीति में भगदड़! NDA की जीत के दो महीने बाद ही ‘ऑपरेशन दलबदल’ शुरू?-बिहार की राजनीति में भगदड़! NDA की जीत के दो महीने बाद ही ‘ऑपरेशन दलबदल’ शुरू?-बिहार की राजनीति में भगदड़! NDA की जीत के दो महीने बाद ही ‘ऑपरेशन दलबदल’ शुरू?

India-China border dispute पर PM Modi का बयान , ‘हमें तत्काल समाधान की जरूरत है,चीन की आई प्रतिक्रिया।

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नई दिल्ली,आर.कुमार:  Prime Minister Narendra Modi भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के लिए India-China border dispute पर अपनी बात रखी है । पीएम मोदी ने कहा कि हमें तत्काल समाधान की जरूरत है। मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थिर और शांतिपूर्ण संबंध पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी पत्रिका न्यूजवीक को दिए इंटरव्यू में यह बातें कहीं है।

भारत-चीन विवाद पर क्या बोले PM Modi?

Prime Minister Narendra Modi के हवाले से कहा गया, “मेरा मानना है कि हमें अपनी सीमाओं पर लंबे समय से चल रही स्थिति को तत्काल सुधारने की जरूरत है, ताकि हमारी द्विपक्षीय बातचीत में असामान्यता को पीछे छोड़ा जा सके।” उन्होंने कहा, “मुझे आशा और विश्वास है कि राजनयिक और सैन्य स्तरों पर सकारात्मक और रचनात्मक द्विपक्षीय जुड़ाव के माध्यम सें हम अपनी सीमाओं पर शांति और स्थिरता बहाल करने और बनाए रखने में सक्षम होंगे।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक राजनीति और वैश्विक आर्थिक विकास इंजन के रूप में अपनी आपूर्ति में विविधता लाने की चाहत रखने वालों के लिए एक स्वाभाविक पसंद है।” उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर, कॉर्पोरेट कर में कटौती, दिवालियापन संहिता और श्रम कानून सुधार जैसे प्रमुख सुधारों की ओर इशारा किया, जिससे भारत में व्यापार करने में काफी सुधार हुआ।

मोदी ने कहा, “हम आपके नियामक ढांचे, कराधान प्रथाओं के साथ-साथ हमारे बुनियादी ढांचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि जब दुनिया की आबादी का छठा हिस्सा वाला देश इन क्षेत्रों में वैश्विक मानकों को अपनाएगा, तो इसका दुनिया पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

चीन के ने क्या कहा?

अब चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा है कि चीन ने प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर गौर किया है। माओ ने आगे कहा कि अगर भारत और चीन के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध होंगे, तो इससे दोनों देशों के साझा हितों की भी पूर्ति होगी।  चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सीमा विवाद पर कहा है कि भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को ठीक से प्रबंधित कर उचित रूप से रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश राजनयिक और सैन्य माध्यमों से संपर्क में हैं। बता दें कि गुरुवार को पीएम मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि भारत के लिए चीन के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंध महत्वपूर्ण हैं।

मतभेदों का हल निकाला जाना जरूरी

माओ निंग ने उम्मीद जताई कि दोनों देश एक साथ मिलकर एक दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने से आपसी विश्वास बढ़ेगा, जिससे संवाद और सहयोग कायम रहेगा। मिंग ने यह भी कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए मतभेदों का हल निकाला जाना जरूरी है।

गतिरोध की वजह

5 मई 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर पैंगोंग त्सो क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच गतिरोध पैदा हो गया था। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के बीच अब तक कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की वार्ता हो चुकी है। चीनी सेना के अनुसार दोनों पक्ष अब तक गलवान घाटी, पैंगोंग झील, हॉट स्प्रिंग्स और जियानान दबन से पीछे हटने पर सहमत हुए हैं। उधर भारत द्वारा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पर देपसांग और डेमचोक इलाकों से सेना को हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। भारत का कहना है कि जब तक सीमाओं की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक चीन के साथ उसके संबंधों में सामान्य स्थिति की बहाली नहीं हो सकती। अब देखना है कि पीएम मोदी के तरफ से दिये गए बयान और चीन की तरफ से आए प्रतिक्रिया के बाद दोनो देशों के गतिरोध में कितनी कमी आती है।

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