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#BoycottTurkey: भारतीयों ने किया तुर्की के प्रोडक्ट्स के बहिष्कार का फैसला, पाक का साथ देना पड़ा महंगा?

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Turkey Boycott

Headlines

  • स्पाइस एंड ड्राई फ्रूट्स एसोसिएशन ने खोला मोर्चा।
  • फल मंडी के व्यापारियों ने भी किया विरोध।
  • उदयपुर के मार्बल व्यवसायियों ने उठाया बड़ा कदम।

 New Delhi, R. Kumar: भारत और पाकिस्तान के बीच चले सैन्य संघर्ष के बीच तुर्की ने खुलकर पाकिस्तान का साथ दिया। इस वजह से सोशल मीडिया पर भारत के लोगों ने तुर्की से भारत आने वाले प्रोडक्ट्स के बहिष्कार को लेकर ट्रेंड चलाया है। इस वजह से सोशल मीडिया पर आज की तारीख में #BoycottTurkey ट्रेंड कर रहा है। इसके जरिये लगातार सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर तुर्की के सामानों का बहिष्कार करने की अपील लोगों ने करनी शुरू कर दी है।

स्पाइस एंड ड्राई फ्रूट्स एसोसिएशन ने खोला मोर्चा

स्पाइस एंड ड्राई फ्रूट्स एसोसिएशन के समिति सदस्य और पूना मर्चेंट्स चैंबर्स के निदेशक नवीन गोयल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “तुर्की ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया है। यह हमारे देश के हित में नहीं है। हम इसका विरोध करते हैं। हम तुर्की से कुछ ड्राई फ्रूट्स आयात करते थे…अब हम इसका पूर्ण रूप से बहिष्कार करते हैं। हम आयातकों से भी अनुरोध करते हैं कि वे ऐसी कोई भी वस्तु आयात न करें। हम उपभोक्ताओं से भी अनुरोध करते हैं कि वे ऐसी कोई भी वस्तु न खाएं।”

फल मंडी के व्यापारियों ने भी किया विरोध

इसके अलावा गाजियाबाद की साहिबाबाद फल मंडी के व्यापारियों ने भी तुर्की से सेब और अन्य उत्पादों के आयात का बहिष्कार करने का फैसला किया है। फल मंडी के व्यापारियों का कहना है कि, “तुर्की ने हाल के दिनों में पाकिस्तान का समर्थन किया है। हमने तुर्की के साथ सभी व्यापारिक संबंध तोड़ने का फैसला किया है क्योंकि उसने पाकिस्तान का समर्थन किया है, जिसका मतलब है कि उसने एक तरह से आतंकवाद का समर्थन किया है। हम नहीं चाहते कि कोई देश हमारे पैसे का इस्तेमाल हमें नुकसान पहुंचाने के लिए करे।”

उदयपुर के मार्बल व्यवसायियों ने उठाया बड़ा कदम

उदयपुर मार्बल प्रोसेसर समिति ने एक आपात बैठक आयोजित कर तुर्की से होने वाले मार्बल और ग्रेनाइट के आयात (इम्पोर्ट) को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष कपिल सुराणा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला देशहित में लिया गया है। जब तुर्की जैसे देश पाकिस्तान का खुलकर समर्थन कर रहे हैं, तो ऐसे में हम उनका सामान खरीदकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत नहीं बना सकते है।

भारत-तुर्की के बीच व्यापार

आपको बता दें, वित्त वर्ष 2023-24 में तुर्की के साथ भारत का व्यापार कुल 10.43 अरब डॉलर था, जिसमें निर्यात कुल 6.65 अरब डॉलर और आयात 3.78 अरब डॉलर रहा है। तुर्की को भारत द्वारा किए जाने वाले निर्यात में मशीनरी, पत्थर, प्लास्टर, लोहे और स्टील, तिलहन, अकार्बनिक रसायन, कीमती पत्थर, ताज़े सेब आदि शामिल थे।

वहीं, भारत से निर्यातित मुख्य वस्तुओं में खनिज तेल, फ्लैट स्टील उत्पाद, प्लास्टिक, कार्बनिक रसायन और कपास व कपड़े प्रमुख रहे. हालांकि फरवरी 2024 और फरवरी 2025 के बीच भारत का निर्यात और आयात तुर्की से घटा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत इस दौरान तुर्की को निर्यात 9.7 मिलियन डॉलर घटकर 470 मिलियन डॉलर से 461 मिलियन डॉलर पर आ गया। तुर्की से आयात भी 232 मिलियन डॉलर घटकर 375 मिलियन डॉलर से 143 मिलियन डॉलर पर आ गया। अब अगर भारत ने तुर्की के खिलाफ व्यापारिक मोर्चा खोला तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि भारत आज की तारीख में चीन से भी बड़ा बाजार है।

व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने इस निर्णय से अवगत कराया है और केंद्र सरकार से भी अपील की है। वह ऐसे देशों से होने वाले आयात पर रोक लगाए। जो भारत विरोधी रुख अपनाते हैं। व्यापारियों का मानना है कि अब वक्त आ गया है कि देशहित को प्राथमिकता दी जाए और आर्थिक मोर्चे पर भी विरोध जताया जाए।

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