
Bhagalpur: “जब खेतों में इरादों की फसल उगाई जाएगी, तभी किसानों की किस्मत मुस्कुराई जाएगी।” कुछ इसी सोच को लेकर भागलपुर के सरकंडा क्षेत्र के सवैया गांव के रहने वाले युवा किसान और कृषि उद्यमी सुमित कुमार यादव ने भारत की खेती-किसानी को आधुनिक और संगठित व्यवसाय में बदलने का बड़ा संकल्प लिया है। सुमित का पूरा परिवार खेती/किसानी से जुड़ा है। उनकी कोशिश है कि अब खेती सिर्फ पारंपरिक आजीविका का साधन नहीं, बल्कि तकनीक आधारित राष्ट्रीय स्तर का बिजनेस मॉडल बने।
क्या है सुमित की सोच?
सुमित पूरे भारतवर्ष में ऑल इंडिया फार्मिंग नेटवर्क खड़ा करने की योजना पर काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि छोटे और मध्यम किसान भी सीधे बड़े बाजार, कंपनियों और निर्यातकों से जुड़ सकें।
उनका मानना है कि यदि किसानों को सही बाजार, पारदर्शी मूल्य प्रणाली, आधुनिक मशीनरी ,वैज्ञानिक खेती की तकनीक, डिजिटल सप्लाई चेन मिले, तो इंडिया कृषि महाशक्ति बन सकता है।
बनाएंगे डिजिटल किसान डेटा प्लेटफॉर्म
सुमित युवा किसान हैं वो राष्ट्रीय डिजिटल किसान डेटा प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें देश, राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव स्तर तक किसानों का सुरक्षित डेटा रहेगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को सीधे खरीदारों से जोड़ा जाएगा, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल लागू होगा, फसल की डिजिटल ट्रैकिंग होगी, पारदर्शी पेमेंट सिस्टम विकसित किया जाएगा। उनका दावा है कि इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा।
किसानों की आय स्थिर और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य
युवा कृषि उद्यमी का कहना है कि आज भी लाखों किसान सही दाम न मिलने के कारण नुकसान झेलते हैं। उनका मॉडल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय को स्थिर और सुरक्षित बनाने पर केंद्रित होगा। खाली पड़ी जमीन बड़े पैमाने पर खेती की जाएगी। वो मिश्रित खेती पर जोर देते हैं। साथ ही उन्नत बीज और परंपरागत बीज दोनों को इस्तेमाल करने पर बल देते हैं।
उनका दावा है कि यदि इस तरह का राष्ट्रीय फार्मिंग नेटवर्क जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू हुआ, तो ग्रामीण रोजगार में वृद्धि होगी, खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
मीडिया और निवेशकों से अपील
सुमित कुमार यादव ने मीडिया, स्टार्टअप्स और निवेशकों से अपील की है कि वे इस मिशन को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में सहयोग करें। उनका दावा है कि आने वाले वर्षों में यह नेटवर्क भारत का सबसे बड़ा कृषि बिजनेस प्लेटफॉर्म बन सकता है।
वो चाहते हैं कि खेती/किसानी के क्षेत्र में छोटे,मंझोले और बड़े किसानों का एक सहकारी समिति बने जो मिलकर इस क्षेत्र में काम करे। साथ ही खेत का वैज्ञानिक तकनीक और परंपरागत तरीके से उपचार कर उस पर खेती की जाए। इससे किसानों को कम लगात में अधिकतम पैदावार प्राप्त होगी। फिलहाल, भागलपुर का यह युवा किसान देश में कृषि क्रांति की नींव रखने की तैयारी में जुटा है।


