
Patna,News Desk: बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजरती दिख रही है। करीब दो दशकों तक सत्ता के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री Nitish Kumar की राजनीतिक स्थिति को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता आदित्य पासवान ने कहा कि करीब बीस वर्षों से बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज नीतीश कुमार का यह हश्र दुखद है, लेकिन इसे अप्रत्याशित नहीं कहा जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने बार-बार साबित किया है की वह आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों के बीच से उभरे नेताओं को पहले दोस्त बनाती है फिर उसे तबाह कर देती है। नीतीश और उनकी पार्टी की तबाही की पटकथा आज पूरी हो गयी।

उनका मानना है कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास के लिए भले ही बहुत काम किये लेकिन आज उन्होंने बिहारी समाज को सिर के बल खड़ा कर दिया है। आदिवासी, दलित, पिछड़ा, किसान, मुसलमान विरोधी सामाजिक समूहों का वर्चस्व स्थापित कर दिया।
क्रांति की धरती बिहार में इसी का नतीजा है कि उनके कार्यकाल में दुसाध, चमार, धोबी, पासी, डोम, मेहतर, भुइयां, मुसहर जाति के लोगों के साथ जबरदस्त हिंसा की घटनाएं हुई। गैंग रेप, हत्या और लूटपाट हुआ। यह अनायास नहीं है कि इन तमाम घटनाओं में भाजपा के लोग लिप्त पाये गये ।
आदित्य पासवान ने कहा कि- अब जब BJP अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रही है तब कमजोर तबकों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाएं और तेज होंगी। बिहार के दलितों-पिछड़ों और किसानों के जमीनों को कॉरपोरेट के हाथों गिरवी रखा जाएगा, अन्याय की लंबी लाइन आगे देखने को मिलेगी इसलिए न्याय पसंद तबका आज खुद को ठगा महसूस कर रहा है। इसलिए अब लड़ने और आंदोलन करने के सिवा कोई उपाय नहीं बचा है। उन्होंने सबसे एक होने की अपील की।


