UGC के नए रेग्युलेशन के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, तहसील परिसर में चक्रमण कर सौंपा ज्ञापन
घोसी (मऊ)/ विवेक चौहान। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा प्रस्तावित नए रेग्युलेशन के विरोध में मंगलवार को घोसी तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में चक्रमण करते हुए “यूजीसी बिल वापस लो” के नारे लगाए और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि UGC के नए रेग्युलेशन एकतरफा हैं और इससे उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता, निष्पक्ष जांच प्रक्रिया तथा शिक्षक-छात्र संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन नियमों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अधिवक्ता सतीश कुमार पाण्डेय ने कहा कि UGC का यह नया रेग्युलेशन बिना व्यापक परामर्श के बनाया गया है, जो पूरी तरह असंतुलित है। इससे शिक्षा व्यवस्था में भ्रम और अस्थिरता पैदा होगी।
पूर्व शासकीय अधिवक्ता दिनेश राय ने कहा कि यह रेग्युलेशन संविधान में निहित समानता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। सरकार को इसे तत्काल वापस लेकर पुनर्विचार करना चाहिए।
अधिवक्ता विपुल राय ने कहा कि यदि ऐसे नियम लागू किए गए तो उच्च शिक्षण संस्थानों में भय और अविश्वास का माहौल बनेगा। अधिवक्ता समाज इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता कालिका दत्त पाण्डेय ने कहा कि UGC के नए रेग्युलेशन शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए नुकसानदेह हैं। सरकार को सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा आंदोलन और व्यापक होगा।
ज्ञापन सौंपते समय वरिष्ठ अधिवक्ता कालिका दत्त पाण्डेय, पूर्व शासकीय अधिवक्ता दिनेश राय, ए. जेड. इस्लाम, रफीउल्लाह खान, सतीश पाण्डेय, उमाशंकर उपाध्याय, ब्रह्मदेव उपाध्याय, रमेश श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह, ऋषिकेश सिंह, अनिल मिश्र, अजय सिंह, अरविंद सिंह, विपुल राय, रणजीत सिंह, पी.सी. राय, हरीश उपाध्याय, सुतीक्ष्ण मिश्र, नदीम अख्तर, अभिमन्यु सिंह, दिनेश ओझा, संजय श्रीवास्तव, राजीयुल्लाह खान सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
Edited by Umashankar


