
New Delhi, News Desk: जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लालू यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में भी उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा।
कोर्ट ने लालू यादव के परिवार के सदस्यों राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ भी धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं।
यह आदेश राऊज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय के न्यायाधीश विशाल गोगने ने सुनाया। माननीय अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
98 आरोपियों में 52 बरी, 46 पर आरोप तय
लैंड फॉर जॉब केस में कुल 103 आरोपी थे, जिनमें से पांच की मौत हो चुकी है। शेष 98 आरोपियों में से अदालत ने 52 को बरी कर दिया, जबकि रेलवे अधिकारियों सहित 46 आरोपियों पर आरोप तय किए गए हैं। इनमें लालू यादव के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं।
कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि यह मामला केवल अलग-अलग लेनदेन का नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक गतिविधि का है। अदालत के अनुसार, लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया और नौकरी के बदले जमीन लेने की व्यापक साजिश रची गई।
क्या है आरोप?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, रेलवे में नियुक्तियों के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई और इसे परिवार के सदस्यों के नाम ट्रांसफर कराया गया। इसी आधार पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं।
अब आगे क्या?
अब इस मामले में नियमित ट्रायल चलेगा, जिसमें अभियोजन पक्ष अपने सबूत पेश करेगा और बचाव पक्ष को जवाब देने का मौका मिलेगा।
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