
News Desk: देश में दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। चारों ओर रोशनी है, खुशियां हैं, उत्साह है और माता लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियां चल रही हैं। लेकिन इसी बीच दीपावली के मौके पर सोशल मीडिया पर एक और चीज की खूब चमक रही रही है। वह है तथाकतिथ ज्ञानियों, बाबाओं, अघोरियों, तांत्रिकों और स्वयंभू ज्योतिषाचार्यों की।

सज गया है बाबा का मायाजाल!
यूट्यूब खोलिए, फेसबुक खोलिए या इंस्टाग्राम खोलिए। आपको एक से बढ़कर एक स्वयंभू अवतारी महापुरुष मिल जाएंगे, जो पूरे दाव के साथ कह रहे हैं कि इस दीपावली बस उनका बताया हुआ एक उपाय कर लीजिए, आपकी किस्मत पलट जाएगी। कोई कह रहा है कि घर में विशेष प्रकार का शंख रख लीजिए। कोई कह रहा है कि दीपावली की रात एक खास जगह पर झाड़ू रख दीजिए।
कोई गोमती चक्र खरीदने का ज्ञान दे रहा है। कोई आपको विशेष मंत्र जाप करने को कह रहा है। कोई आधी रात को तंत्र क्रिया करने का दावा कर रहा है। तो कोई कह रहा है कि दीपावली की रात यह छोटा-सा उपाय कर लिया तो अगले दिन से आपके घर में धन दौलत की वर्षा होने लगेगी। और हां, सबसे मजेदार बात यह है कि हर तथाकथित बाबा का दावा है कि उसका उपाय सबसे अलग और सबसे प्रभावशाली है। एकदन अचूक। बस एक बार मेरा बताया हुआ उपाय करके देखिए। फिर देखिए आपकी किस्मत कैसे चमकती है! आपके घर में पैसा ही पैसा होगा। आप जो चाहेंगे, वह मिलेगा। आपके सारे दुख दूर हो जाएंगे।

देश में कोई गरीब क्यों है?
अब सवाल है कि अगर इन उपायों में इतनी ही ताकत है, तो फिर देश में कोई गरीब क्यों है? अगर एक शंख रखने से धन की वर्षा होने लगती है, तो हर अमीर आदमी के घर में शंखों का गोदाम होना चाहिए? अगर गोमती चक्र रखने से किस्मत बदल जाती है, तो हर बेरोजगार युवक को नौकरी की जगह गोमती चक्र खरीदना चाहिए? और अगर आधी रात को कोई विशेष मंत्र पढ़ने से करोड़पति बना जा सकता है, तो देश के सभी बैंक बंद कर दीजिए। लोगों को बस मंत्र जाप की ट्रेनिंग दे दीजिए!
… दूसरों को बना रहे अमीर?
जरा सोचिए सही! और इन सोशल मीडिया के ज्ञानियों की बातों पर गौर कीजिए। हर कोई आपको धनवान बनाने का दावा कर रहा है। लेकिन एक बात बताइए, अगर इनके पास वास्तव में धन प्राप्त करने का कोई अचूक फार्मूला है, तो ये खुद सोशल मीडिया पर बैठकर आपसे कुछ सौ रुपये की पूजा सामग्री खरीदने की अपील क्यों कर रहे हैं? ये खुद दुनिया के सबसे अमीर लोगों में क्यों नहीं शामिल हैं?
ये दूसरों की किस्मत बदलने का दावा करते हैं, लेकिन अपनी किस्मत बदलने के लिए आपके लाइक, शेयर, सब्सक्राइब और ऑनलाइन पेमेंट का इंतजार क्यों करते हैं?

ये सपनों के सौदागर हैं!
दरअसल, एक बात जान लीजिए, आज आस्था भी एक बाजार बनती जा रही है। लोगों की परेशानी को समझकर, उनकी कमजोरियों को पहचानकर, उन्हें भविष्य का एक ऐसा सपना दिखाया जाता है, जिससे वे अपनी जेब ढीली करने को तैयार हो जाएं। किसी को नौकरी चाहिए।किसी को व्यापार में फायदा चाहिए।किसी को कर्ज से छुटकारा चाहिए। किसी को संतान की चिंता है। किसी को पारिवारिक परेशानी है। और किसी को सिर्फ इतना चाहिए कि उसके घर में भी सुख-समृद्धि आए। इन लोगों की इसी उम्मीद का फायदा उठाकर कुछ तथाकथित बाबा और तांत्रिक तरह-तरह के उपाय बेच रहे हैं।
याद रखिए, आपका पैसा जरूर खर्च होगा, लेकिन आपको धनवान बनाने की कोई गारंटी नहीं है। हां, आपका पैसा लेने वाले का कारोबार जरूर बढ़ सकता है! आपके पास जो भी पूंजी है वो भी चला जाएगा।
क्या धर्म और आस्था का मतलब अंधविश्वास है?
एक बात बिल्कुल स्पष्ट जान लीजिए। हमारी धार्मिक परंपराएं, पूजा-पाठ, मंत्र, आराधना और त्योहार हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं। दीपावली का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। मां लक्ष्मी की पूजा करना, घर को साफ रखना, दीप जलाना, परिवार के साथ खुशियां बांटना, जरूरतमंदों की मदद करना ये सब हमारी परंपराओं से जुड़े हैं। इससे कोई इंकार नहीं कर सकता है।

आस्था और अंधविश्वास में अंतर
हमें आस्था रखना चाहिए। लेकिन साथ ही आस्था और अंधविश्वास में अंतर को भी समझने की जरूरत है। पूजा करने से मन को शांति मिलती है। प्रार्थना से सकारात्मकता और आत्मविश्वास मिलता है। लेकिन किसी व्यक्ति का यह दावा करना कि सिर्फ एक खास वस्तु खरीद लेने या आधी रात को कोई गुप्त क्रिया कर लेने से आप करोड़पति बन जाएंगे, यह तर्क और विवेक की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।
धर्म आपको सदाचार सिखाता है। धर्म आपको कर्म की प्रेरणा देता है। धर्म आपको ईमानदारी, परोपकार और मानवता का रास्ता दिखाता है। लेकिन अगर कोई धर्म और भगवान के नाम पर आपको डराकर या लालच देकर पैसे मांग रहा है, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। भगवान के नाम पर व्यापार करने वालों और सच्चे धार्मिक मार्गदर्शकों के बीच फर्क समझना जरूरी है।
अगर टोटकों से पैसा आता तो मेहनत कौन करता?
अब जरा अपने आसपास देखिए। किसान, मजदूर, दुकानदार, विद्यार्थी, उद्यमी अपना समय, पैसा और दिमाग लगाकर दिन रात एक किये रहता है। क्या ये सभी लोग बेवकूफ हैं? क्या इन्हें पता नहीं कि दीपावली की रात एक विशेष झाड़ू रखने से करोड़पति बना जा सकता है?
सफलता के पीछे ज्ञान, मेहनत, अनुशासन, सही निर्णय, अवसरों की पहचान और निरंतर प्रयास होता है। हां, किस्मत और परिस्थितियों की भी भूमिका हो सकती है, लेकिन किस्मत के भरोसे बैठकर कोई बड़ा लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
अगर आपको पैसा चाहिए तो उसके लिए कोई काम करना होगा। नौकरी चाहिए तो योग्यता विकसित करनी होगी। व्यापार बढ़ाना है तो बाजार समझना होगा। निवेश करना है तो वित्तीय ज्ञान चाहिए। और जीवन में आगे बढ़ना है तो सीखने की आदत डालनी होगी। यह रास्ता थोड़ा कठिन जरूर है, लेकिन वास्तविक है। जबकि टोटके का रास्ता आसान दिखता है, लेकिन उसके परिणाम की कोई गारंटी नहीं होती।

धन और समृद्धि कैसे आएगी?
पहली बात धन कमाने के लिए सबसे पहले ज्ञान अर्जित करनी होगी। आप जिस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उसके बारे में जितना अधिक जानेंगे, उतने बेहतर निर्णय ले पाएंगे। दूसरी बात है बुद्धि। कहां पैसा लगाना है, कहां नहीं लगाना है, किस अवसर को अपनाना है और किससे बचना है, यह समझना जरूरी है। तीसरी चीज है विवेक। हर चमकती चीज सोना नहीं होती। हर बड़े दावे के पीछे सच्चाई नहीं होती। चौथी बात है मेहनत और अनुशासन। हर दिन थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ना, अपने काम को बेहतर बनाना और समय का सही उपयोग करना ही सफलता का वास्तविक रास्ता है।
पांचवीं चीज है आर्थिक समझ।
कमाई के साथ बचत करना सीखना होगा। अनावश्यक खर्च से बचना होगा। कर्ज सोच-समझकर लीजिए। पैसे का निवेश करने से पहले जानकारी जुटाइए। और सबसे महत्वपूर्ण बात, अपनी क्षमता और कौशल को लगातार बढ़ाते रहिए। यही चीजें धीरे-धीरे आपकी आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं। कोई चमत्कार नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहिए और ईश्वर पर अटूट विश्वास रखिए।
दीपावली पर मेरा आपसे एक आग्रह
इस दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा कीजिए। घर में दीप जलाइए। अपने परिवार के साथ खुशियां मनाइए। लेकिन एक काम और जरूर कीजिए। अपने भीतर के अज्ञान और अंधविश्वास को दूर करने का संकल्प लीजिए। किसी गरीब की मदद कीजिए। किसी जरूरतमंद बच्चे की पढ़ाई में सहयोग कीजिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कारों के साथ वैज्ञानिक सोच भी दीजिए। याद रखिए, धन शंख, झाड़ू, गोमती चक्र या किसी कथित गुप्त तंत्र क्रिया से नहीं आता।
आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
राजेश कुमार मिश्रा।
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