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नई दिल्ली,जी.कृष्ण: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दायर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस सुनवाई की सबसे बड़ी बात यह रही कि सीएम ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और वकीलों की कतार में सबसे आगे खड़ी नजर आईं।
सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने तीनों जजों का अभिवादन करते हुए कहा- “मैं इसी स्टेट से हूं, मैं एक्सप्लेन कर सकती हूं। हमें इंसाफ नहीं मिल रहा है। मैं एक सामान्य परिवार से हूं, लेकिन अपनी पार्टी और राज्य के लोगों के लिए लड़ रही हूं।”
CJI और ममता बनर्जी के बीच सीधा संवाद
मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने ममता बनर्जी से कहा कि- राज्य सरकार भी इस केस को लड़ रही है। देश के वरिष्ठ वकील जैसे कपिल सिब्बल और गोपाल शंकरनारायणन बहस कर रहे हैं।
इस पर ममता बनर्जी ने कहा- “जब छह बार चुनाव आयोग को लिखा जाए और एक जवाब तक न मिले, तो यह महसूस होना स्वाभाविक है कि न्याय कहीं पिछले दरवाजे पर अटक गया है। मुझे सिर्फ पांच मिनट दीजिए।”
CJI ने जवाब दिया- “हमें कोई आपत्ति नहीं है, हम 15 मिनट देंगे, लेकिन पहले हमारी बात सुनिए।”
वोटर लिस्ट से नाम कटने पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने कोर्ट में कहा कि- शादी के बाद ससुराल गई कई बेटियों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। भाषा और नामों की वर्तनी के कारण लोगों को मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है। कई BLO (Booth Level Officer) की मौत हो चुकी है। बंगाल को टारगेट किया जा रहा है, असम को क्यों नहीं?
उन्होंने आरोप लगाया- “चुनाव आयोग कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। ये सरकारी और डोमिसाइल सर्टिफिकेट तक नहीं मान रहे। चुनाव आयोग अब ‘WhatsApp Commission’ बन गया है।”
चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि: यह आरोप गलत हैं कि आयोग राज्य सरकार से सहयोग नहीं कर रहा । प्रक्रिया पूरी तरह कानून के दायरे में है।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
CJI ने कहा- “हर समस्या का समाधान होता है। इस समस्या का भी हल निकाला जाएगा। हम नहीं चाहते कि भाषा या नामों की वर्तनी के कारण कोई मतदाता सूची से बाहर हो।” हालांकि आधार को लेकर कोर्ट ने फिलहाल टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर फैसला सुरक्षित है।
अगली सुनवाई सोमवार को होगी
CJI ने ममता बनर्जी से कहा- “मैडम ममता, आपके वकील श्याम दीवान की काबिलियत पर कोई संदेह नहीं है। आपने बहुत अच्छा वकील चुना है।” आप उनको बहस करने दें। हम सोमवार को मामला सुनेंगे। हम समझते हैं कि कोई प्रैक्टिकल हल निकाल लेंगे। ममता ने आगे कहा कि सिर्फ बंगाल के लिए माइक्रो ऑब्जरवर रखे गए हैं। बंगाल को टारगेट किया जा रहा है। ममता ने हाथ जोडकर कहा कि सेव डेमोक्रेसी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रख्यात लेखक को नोटिस भेजने पर फटकार लगाई। ममता ने कहा कि बंगाल को बुलडोज करने की कोशिश है। अब अगली सुनवाई सोमवार को होगी।


