मऊ, अरुण पांडेय। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के तत्वाधान में रविवार को मधुबन तहसील क्षेत्र के दरगाह बाजार स्थित अमर ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेशल एजुकेशन के प्रांगण में शिक्षाविद मुसाफिर प्रसाद यादव की अध्यक्षता व सीताराम यादव के संचालन में सामाजिक भागीदारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें दलित, पिछड़े एवं अल्पसंख्यकों में आपसी सामंजस्य पैदा कर धार्मिक पाखण्डवाद व मृत्यु भोज बन्द करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद रमाशंकर राजभर विद्यार्थी ने अपने संबोधन में कहा कि आपसी सामंजस्य न होने के कारण दलित, पिछड़ा व अल्पसंख्यक बिखरा हुआ है और धार्मिक पाखंड में उलझकर पिछड़ता जा रहा है। इस पिछड़ेपन से मुक्ति के लिए दलित, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों का आपसी सामंजस्य व एकता वर्तमान समय की मांग है। इसलिये हम सभी को आपसी मतभेद भुलाकर सत्ता व शासन में भागीदारी बढ़ाने की ज़रूरत है और इसके लिए हम सभी को हर हाल में अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा। क्योंकि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि बिना शिक्षित व संगठित हुए हम अपनी लड़ाई को जीत नहीं सकते हैं। विशिष्ट अतिथि सपा के राष्ट्रीय सचिव रामहरि चौहान ने कहा कि दलित व पिछड़ों की एकता व सामाजिक सदभाव समय की मांग है। शासन व सत्ता में भागीदारी व हिस्सेदारी मिले बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था में दलितों व पिछड़ों का कोई अस्तित्व नहीं बचेगा। यादव महासभा के प्रदेश सचिव के० के० यादव ने कहा कि दलित व पिछड़ा समाज संक्रमणकाल से गुज़र रहा है।लोकसभा व विधानसभा में दलितों व पिछड़ों की संख्या कम होती जा रही है।उन्होंने आगामी पंचायत चुनाव में पढ़े लिखे सामाजिक कार्यकर्ताओं को जिताने की अपील किया। कांग्रेस पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश ठाकुर व जिला पंचायत सदस्य इन्द्रकैलाश यादव ने भी समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब तक दलित व पिछड़ा समाज एक नहीं होगा तो प्रतिक्रियावादी ताकते अपना भर्मजाल फैलाकर हमें सत्ता से वंचित करती रहेंगीं।
इस समारोह को सफल बनाने में सूर्यभान यादव, धीरज यादव, सुरेश यादव, मुन्ना राजभर, वीरेंद्र यादव, आर० के० यादव, प्रेमचंद कौशल, जंगशेर बहादुर राणा, अर्जुन यादव, धर्मदेव यादव, भलई चौहान, जयशंकर यादव, लालचंद यादव, डा० शेषनाथ यादव, सत्यराम यादव, मखड़ू यादव, सुरेन्द्र चौहान, राजबहादुर यादव, विन्द्रा यादव, रामअवध राव, सर्वजीत यादव, रामनरायन आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक विजय प्रकाश यादव ने सभी आगन्तुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।