जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार ने आज पटना में जातिगत जनगणना को जरूरी बताते हुए कहा कि जब हमारे देश में शादी ब्याह तक जातिगत तरीके से होती है, तो जातिगत जनगणना कराने में हर्ज ही क्या है? जातिगत जनगणना से सारे लोगों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और जो लोग पिछड़े हैं, उन्हें समाज व विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए चिन्हित करना आसान होगा और तभी सबका विकास होगा। इसलिए हम और हमारी पार्टी जातिगत जनगणना के पक्ष में हैं।



अनिल कुमार ने उक्त बातें आज पार्टी की युवा एवं छात्र विंग के लिए कार्यालय का उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इस कार्यालय को शुरू करने का मकसद है बिहार के सभी जाति और धर्मों के युवा व युवतियों को एकजुट करना, ताकि वे अपने अधिक व हक के लिए जेपी की तरह आंदोलन खड़ा कर सके और पटना से दिल्ली तक अपने लिए आवाज बुलंद करे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार ने युवाओं को चुनाव के वक्त नौकरी का झांसा देकर छलने का काम किया है। नीतीश सरकार ने बिहार में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए शिक्षा की बुनियादी ही समाप्त कर दी है। ऐसे में युवाओं को आज एकजूट होने के बेहद जरूरत है।

अनिल कुमार ने बिहार की बदहाली के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि जंगल राज के समय जितना बिहार का बुरा नहीं हुआ, उससे ज्यादा बिहार को बर्बाद नीतीश सरकार ने कर दिया है। उनके लूटतंत्र और भ्रष्टाचार व्यवस्था ने बिहार को पीछे ले जाने का काम किया है। उन्होंने नीतीश कुमार को पीएम मैटीरियल बताए जाने पर कहा कि वे तो 5 साल पहले भी पीएम पद के दावेदार थे। अकेले लड़े और जनता ने बता दिया उनकी औकात। जो लोग उन्हें पीएम मैटेरियल बता रहे हैं, वे लोग पहले ये तो कहें कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लायक नहीं हैं। क्योंकि भाजपा के साथ रहते किसी के लिए पीएम पद की वैकेंसी नहीं है और जब वैकेंसी नहीं होगी तो नौकरी कहाँ से मिलेगी।