लोकसभ में आज तीन तलाक बिल पेश किया जाएगा। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों को इस दौरान सदन में मौजूद रहने को कहा है। इन पार्टियों ने बकायदा व्हिप जारी किया है। आपको बता दें कि तीन तलाक बिल को लेकर बीजेपी की सहयोगी जेडीयू की राय भी अलग है और उसको लेकर भी राजनीति गरमाती रही है।इससे पहले संसद में बजट सत्र के पांचवें दिन 21 जून को ही इस विधेयक का मसौदा पेश किया गया था जिस पर विपक्षी दलों ने कड़ा ऐतराज जताया था ।

बता दें मई में 16वीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद पिछला बिल निष्प्रभावी हो गया था, क्योंकि यह राज्यसभा में लंबित था। दरअसल, लोकसभा में किसी विधेयक के पारित हो जाने और राज्यसभा में उसके लंबित रहने की स्थिति में निचले सदन (लोकसभा) के भंग होने पर वह विधेयक निष्प्रभावी हो जाता है। इस बिल को लेकरसरकारने दावा किया है कि तीन तलाक का विधेयक मुस्लिम महिलाओं को लिंग समानता प्रदान करेगा और न्‍याय सुनिश्चित करेगा। यह विधेयक विवाहित मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में मदद करेगा और उनके पति द्वारा ‘तलाक-ए-बिद्दत’ से तलाक लेने से रोकेगा।