झारखंड के बहुचर्चित राज्यसभा चुनाव हाॅर्स ट्रेडिंग मामले की फिर से जांच शुरू हो रही है। जांच की आंच कई लोगों तक पहुंचेगी। इस मामले में राज्य के कई बड़े नेताओं और अफसरों से पूछताछ होगी। यह मामला 2016 राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है। झारखंड के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने इसको लेकर एक टेप जारी किया था और जांच की मांग की थी। जानकारी के मुताबिक जगन्नाथपुर थाने में दर्ज इस मामले की समीक्षा एडीजी सीआइडी अनिल पालटा कर चुके हैं. अब डीआइजीअखिलेश झा ने इस मामले के अनुसंधानकर्ता को 35-40 बिंदुओं पर जांच करने के आदेश दिये हैं. इसमें कहा गया है कि बिरसा केंद्रीय कारा होटवार में बंद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से ओरिजनल रिकॉर्डिंग यंत्र हासिल कर मामले से जुड़े बड़े नेताओं, अफसरों और अन्य लोगों से फिर से पूछताछ की जाये.

गौरतलब है कि पूर्व में भी पुलिस ने योगेंद्र साव से ओरिजनल रिकॉर्डिंग यंत्र मांगने को लेकर करीब सात बार नोटिस भेजा था. लेकिन, यंत्र उपलब्ध नहीं कराया गया. बल्कि सीडी में उसकी एक कॉपी बना कर पुलिस को दे दी गयी थी. जांच में पाया गया कि पुलिस को दी गयी सीडी टेंपर (छेड़छाड़) हुई है. आवाज के आधार पर संबंधित नेताओं का साउंड लेकर उसकी जांच भी पुलिस ने नहीं करायी. मामले में साक्ष्य की कमी बता फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दी गयी थी.