तहलका पत्रिका के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल से जुड़े यौन शोषण मामले में शुक्रवार को कोर्ट का फैसला आया, जिसमें उनको सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। 8 साल पहले उनके साथ काम करने वाली एक महिला कर्मी ने तेजपाल पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे, हालांकि 2014 में कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी। उम्मीद जताई जा रही है कि पीड़ित पक्ष के वकील जल्द ही उच्च अदालत में इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर करेंगे।

पीड़ित का आरोप है कि नवंबर 2013 में वो गोवा के एक फाइव स्टार होटल में थीं। इस दौरान लिफ्ट के अंदर तरुण तेजपाल ने उनका यौन शोषण किया। जिस पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 30 नवंबर 2013 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि कुछ महीनों बाद उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद पुलिस ने भी जांच करके 2014 में तेजपाल के खिलाफ 2846 पन्नों की चार्जशीट दायर कर दी। फिर सितंबर 2017 में मापुसा कोर्ट ने तेजपाल के खिलाफ आरोप तय किए। जिस पर तेजपाल ने खुद को निर्दोष बताया।