नेपाल की संसद ने शनिवार विवादित नक्शे को लेकर पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। नक्शे में भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल ने अपने क्षेत्र में दिखाया गया है। इसको लेकर भारत ने कहा है कि इसका कोई मतलब नहीं है क्योंकि जो बातें नेपाल कह रहा है, उनका कोई आधार नहीं है। ना ही इन दावों का कोई एतिहासिक साक्ष्य है।भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, नेपाल की प्रतिनिधि सभा ने नेपाल के नक्शे को बदलने के लिए एक संविधान संशोधन विधेयक पारित किया है।

इसमें भारतीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों को शामिल किया गया है। हमने इस मामले पर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है। नेपाल के दावे ऐतिहासिक तथ्यों या सबूतों पर आधारित नहीं है और इनका कोई मतलब नहीं निकलता है। इसके साथ-साथ ये सीमा मुद्दे को लेकर हाल के समय में जो बातचीत दोनों देशों में हो रही थी, उसका भी उल्लंघन है।