नई दिल्ली:- भारत की राजधानी यूं तो कई बातों के लिए मशहूर है, मगर आज जिस बात के लिए मशहूर हो रही है उस पर किसी को फक्र तो बिल्कुल नहीं होगा। आज के समय में सेक्स युवा दिलों दिमाग में इस कदर छाया हुआ है कि अगर आप उनका मोबाइल या लैपटॉप देख ले तो शायद आपको कई पोर्न  फोटोज और वीडियोस देखने को मिल जाए | युवाओ में पैसा कमाने का नशा इस कदर छाया है कि वह सही और गलत के अंतर को भी समझ नहीं पाते | इससे साफ है कि बदलते समय के साथ उन्हें पैसा और मजा दोनों चाहिए | दिल्ली के कई पोस इलाकों में मर्दों के जिस्म की मंडी लगने लगी है | इसमें कॉलेज के स्टूडेंट अपनी लाइफ मजे से गुजारने के लिए रात को काम करना पसंद कर रहे हैं | 

राजधानी दिल्ली में जिस्म फरोसी का धंधा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। आलम यह है कि दिल्ली के इन इलाकों से किसी सभ्य पुरूष का रात के 10 बजे निकलना मुश्किल हो गया है। यह बात सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी, लेकिन यह सच है। हम बात कर रहे हैं ‘Gigolo Market’ की। जहां पर मर्दो की मंडी सजती है। यह कारोबार इतना फैल गया है कि  यहां पर कई प्रमुख VVIP इलाकों में आसानी से रात 10 बजे से सुबह 4 बजे  देखी जा सकती है।  ‘जिगोलो मार्केट’ से फेमस इस बाजार में मर्दों की मुंहमांगी कीमत दी जाती है।

यहां लगता है मर्दों का बाजार

मर्दों की यह मंडी दिल्ली के पॉश इलाकों और साउथ एक्सस्टेशन, JNU रोड, आइएनएस, अंसल प्लाजा, कनॉट प्लेस, जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर, सरोजनी नगर, लाजपत नगर, पालिका मार्केट और कमला नगर मार्केट जैसे प्रमुख बाजारों की मुख्य सड़कों पर लगता है | लड़के यहां आकर खड़े हो जाते हैं और गाड़ियां रूकती हैं, जिगोला बैठता है, सौदा तय होते ही गाड़ी चल देती है |इनकी बोली लगाने वाली युवतियां युवा जिस्म को देखना चाहती है। यह महिलाएं संभ्रांत घरानों या इलाकों से संबंध रखती हैं।

ये बुक किए जाते हैं मर्द

युवाओं के जिस्म के सौदेबाजी का काम बेहद नियोजित तरीके से होता है।  यही वजह है कि कमाई का 20 प्रतिशत हिस्सा इन्हें अपनी संस्था को देना होता है, जिनसे ये जुड़े हुए हैं। जिगोलों को बुक करने का काम हाईफाई क्लब, पब और कॉफी हाउस में भी होता है।  कुछ घंटों के लिए जिगोलो की बुकिंग 2000 से 5000 हजार रुपए और पूरी रात के लिए 10,000 रुपये तक में होती है। इसके अलावा युवाओं के गठीले और सिक्स पैक ऐब्स के हिसाब से 15 हजार रूपए तक कीमत दी जाती है।

शहर के पॉश इलाकों और पब – क्लबों के अलावा कई जाने माने होटलों में यह धंधा जमकर फल फूल रहा है | यहां इनकी पहचान गले में पहने पट्टे रुमाल से नहीं बल्कि ड्रेस से होती है | इनके लिए एक खास ड्रेस कोड होती है काली पैंट और सफेद शर्ट | खबर के मुताबिक, जिगोलो इन होटलों के रेस्तरां में बैठकर कॉफी की चुस्कियां लेते हुए अपने ग्राहक की तलाश करते |

कैसे और कहां से होती है जिगोलो की ट्रेनिंग

कई ऐसे आर्गेनाइजेशन भी होती है जहां इन जिगोलो की ट्रेनिंग होती है | ट्रेनिंग में महिलाओं से कैसे बात की जाए, उन्हें किस तरह से संतुष्ट किया जाए, आधी बातें बताई जाती है | बता दे की कई समलैंगिक भी जिगोलो को हायर करते हैं | कई जिगोलो तो बहुत पढ़े-लिखे हैं इनमें इंजीनियरिंग और मेडिकल समेत कॉम्पीटिशन एग्जाम की तैयारी करने वाले स्टूडेंट सबसे ज्यादा है | युवाओं के जिस्म के सोदेबाजी का काम बेहद प्लान तरीके से होता है, यही वजह है की कमाई का 20 प्रतिशत हिस्सा उन्हें अपनी संस्था को देना होता है जिनसे यह जुड़े हुए हैं |