कल यानि 12 सितम्बर को लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की बरसी थी। चिराग पासवान ने आखिरी वक्त तक कोशिश की मुख्मंत्री से मिलकर उन्हें बरसी का आमंत्रण देने की लेकिन उन्हें सीएम की तरफ से मिलने का वक्त नहीं दिया गया। कल बरसी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे भी नहीं।नीतीश कुमार ही नहीं पूरे जेडीयू ने स्व. पासवान की बरसी का अघोषित बहिष्कार कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिराग पासवान को लंबी चिट्ठी लिखकर अपनी संवेदनायें जतायी थीं लेकिन नीतीश कुमार ने मीडिया में सिर्फ एक लाइन का श्रद्धांजलि संदेश भेजकर रस्म-अदायगी कर ली.

पटना में आज स्व. रामविलास पासवान की पहली बरसी मनायी गयी. उनके बेटे चिराग पासवान ने सभी पार्टियों के नेताओं को बरसी में शामिल होने का आमंत्रण दिया था. जेडीयू को छोड़कर सभी लगभग सभी पार्टी के नेताओं ने बरसी में पहुंच कर स्व. पासवान को श्रद्धांजलि अर्पित की. लेकिन जेडीयू को कोई जाना-पहचाना चेहरा वहां नहीं पहुंचा.