न ई दिल्ली, प्रतिमा भारद्वाज: कंजरवेटिव पार्टी में जीत के बाद बोरिस जॉनसन ने औपचारिक रूप से इंग्लैड के नए प्रधानमंत्री पद की कमान संभाल ली है। अब खबर आ रही है कि बोरिस जॉनसन के कैबिनेट में भारतीय मूल के लोगों को भी जगह मिली है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री टेरीजा मे की ब्रेक्जिट रणनीति के मुखर आलोचकों में शामिल प्रीति पटेल ने बुधवार को नये प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इस प्रकार वह ब्रिटेन में भारतीय मूल की पहली गृह मंत्री बनीं।

ब्रेग्जिट समर्थकों का प्रमुख चेहरा

47 वर्षीय प्रीति ब्रिटेन में ब्रेग्जिट समर्थकों का प्रमुख चेहरा हैं। प्रीति पटेल को कंजरवेटिव पार्टी के मौजूदा दौर में सबसे चर्चित नेताओं में से गिना जा रहा है। जॉनसन की ही तरह वह भी दक्षिणपंथी रुझान के लिए जानी जाती हैं। प्रीति पटेल को 2017 में इजरायल की निजी यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के कारण पद छोड़ना पड़ा था।

दक्षिणपंथी रुझानों के लिए जानी जाती हैं

बोरिस जॉनसन की ही तरह प्रीति को भी दक्षिणपंथी रुझानों के लिए जाना जाता है। उन्होंने ब्रिटेन में समलैंगिक जोड़ों की शादी की वैधता का विरोध किया था। स्मोकिंग के खिलाफ भी उन्होंने अभियान चलाया था। ब्रेग्जिट के समर्थक चेहरों में वह सबसे प्रमुख नेता रही हैं।

मोदी समर्थक के तौर पर पहचान

पूर्व ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा का प्रभार सौंपा था। लंदन में भारतीय समुदाय के बीच वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक के तौर पर भी लोकप्रिय हैं। प्रीति ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों के सभी प्रमुख कार्यक्रमों में अतिथि होती हैं।

युगांडा से इंग्लैंड आकर बसा था प्रीति का परिवार

पटेल के पैरंट्स गुजरात से युगांडा चले गए थे और 1960 के दशक में वहां से भागकर ब्रिटेन में आकर बस गए। प्रीति का जन्म 29 मार्च 1972 को इंग्लैंड में ही हुआ। उनके पिता का नाम सुशील और मां का नाम अंजना पटेल है।प्रीति ने कील और एसेक्स यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की है। ग्रैजुएशन करने के बाद कंजरवेटिव पार्टी के सेंट्रल ऑफिस में नौकरी की और इसके बाद 1995 से 1997 तक सर जेम्स गोल्डस्मिथ के नेतृत्व वाली रेफरेंडम पार्टी की प्रवक्ता रहीं। यह पार्टी ब्रिटेन में यूरोपीय संघ की विरोधी पार्टी मानी जाती थी। 1997 में कंजरवेटिव पार्टी का हिस्सा बन गईं और अगले तीन सालों तक पार्टी की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी रहीं।