केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानुनों के खिलाफ किसान आंदोलित हैं और 9 राउंड की बैठक के बाद भी किसान और सरकार के बीच के बीच किसी भी तरह का समााधान नहीं निकल सका है। एक तरफ जहां सरकार नए कानूनों में संशोधन के लिए तैयार है तो दूसरी तरफ किसान नेता कानूनों को वापस लिए जाने से कम पर राजी होने के लिए तैयार नहीं हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नए कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कहा कि इन कानूनों को सभी विशेषज्ञों ने अपना समर्थन दिया है।

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने किसान यूनियन को प्रस्ताव भेजा था जिसमे हम किसानों की मंडी, ट्रेडर्स का रजिस्ट्रेशन और अन्य दिक्कतों का हल करने के लिए तैयार हैं। सरकार पराली जलाने के कानून और बिजली के बिल के मसले पर भी चर्चा को तैयार है। लेकिन किसान यूनियन तीनों ही कानूनों को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। कृषि मंत्री ने कहा ज्यादातर किसान और किसान एक्सपर्ट इन कानूनों के समर्थन में हैं।

सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद इन कानूनों को लागू नहीं किया जा सकता है। अब हम उम्मीद करते हैं कि किसान कानूनों के प्रावधान पर 19 जनवरी को चर्चा कर सकते हैं और सरकार को यह बता सकते हैं वह कानूनों को वापस लिए जाने के अलावा क्या चाहते हैं।