नई दिल्ली,आर.कुमार: चौक गये ना लेकिन ये सच है अब शाकाहारी कंडोम आ गया है। अब ये भी ना समझिए की ये किसी भारतीय बाबा की कंपनी ने बनाया है। पहले ये जान लीजिए की condom पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाते समय अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने और सेक्सुअल बीमारी से बचने के लिए लोग condom का इस्तेमाल करते हैं। बाजार में कई तरह के फ्लेवर्ड और डॉटेड condom पहले से ही मौजूद हैं। लेकिन अब शाकाहारी कंडोम आ गया है।


क्या होते हैं vegetarian condom?

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलिप सीफ़र और वाल्डेमर ज़ाइलर ने शाकाहारी कंडोम का निर्माण किया है। इनकी कंपनी का नाम आइन्हॉर्न है। इन कंडोम की ख़ास बात ये हैं कि बाकी कंडोम की तरह इन्हें पशुओं के प्रोटीन ‘केसीन’ से नहीं बनाया गया है। फिलिप सीफ़र और वाल्डेमर ज़ाइलर ने शाकाहारी कंडोम बनाने के लिए पेड़ों से मिलने वाली प्राकृतिक चिकनाई का इस्तेमाल किया है। कंडोम को नर्म बनाने के लिए इसी चिकनाई का इस्तेमाल किया जाता है।


हम आपको बता दें कि आइन्हॉर्न कंपनी द्वारा बनाए गए इन शाकाहारी कंडोम को खरीदने वाले उपभोक्ता की उम्र लगभग 20 से 40 साल के बीच है। इनमें से 60 फ़ीसदी ख़रीदारी महिलाएं हैं। शाकाहारी कंडोम बनाने के लिए पिछले 30 सालों में कंपनी ने रबड़ के पेड़ को बड़ी मात्रा में थाईलैंड के छोटे किसानों द्वारा लगवाया है। इन बागानों में कीटनाशक का प्रयोग नहीं होता है। आपको बतादें कि ब्रैंड शाकाहारी कॉन्डम मार्केट में हैं, जिनमें से कुछ ग्लाइड, ड्यूरेक्स, ट्रॉजन और लाइफस्टाइल भी है।