Patna: तम्बाकू पर रोक लगाने से ही नहीं होगा बल्कि इससे परहेज के लिए आम लोगों को जागरूक होना होगा। आज के युवा वर्ग को तम्बाकू से बचाना होगा तभी भारत का भविष्य स्वस्थ और मजबूत बनकर उभरेगा। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर Nitish kumar’s Bihar (फेसबुक पेज) के द्वारा संजीवनी आई हॉस्पीटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में रविवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मास्क व साबुन का वितरण किया। इस क्रम में सोशल डिस्टेंसिग का पुरा ख्याल रखा गया। कार्यक्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कहा तंबाकू जहर है। इससे मधुमेह, फेफड़ों की गंभीर बीमारी, स्ट्रोक, अंधापन, नपुंसकता, टीबी एवं कैंसर आदि रोग हो सकती है। खैनी, पान या गुटखा जैसे चबाने वाले तंबाकू उत्पाद का सेवन कर इधर-उधर थूकने से भी कोरोना के फैलाव का खतरा बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि बिहार में तंबाकू जनित रोगों से लाख लोगों की हर साल मौत हो जाती है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। कैंसर,सांस रोग, ह्रदय रोग,कोरोना के लिए घातक हैं। यह सभी रोग तंबाकू जनित है। कोरोना काल में भी सरकार इन चीजों की दुकानों पर बैन लगाया है। जो एक अच्छा कदम है। उन्होंने लोगों को शपथ दिलायी कि वे नशा छोड़ देंगे। डॉ. अलोक ने बताया कि मुंह का कैंसर भारत में सर्वाधिक है , जिसका मुख्य कारण तम्बाकू है। साथ ही लोगों को कोरोना वायरस को हल्के में नहीं लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि विश्व में तबाही मचाने वाले इस वायरस से खुद का बचाव करना है। एक व्यक्ति भी इससे संक्रमित हो गया तो पूरा गांव व शहर तबाह हो जाएगा। डॉ. प्रभात ने बताया कि दांतों व मसूड़ों के बीच गंदगी जमा हो जाने के कारण पायरिया लग जाता है। यदि तंबाकू का सेवन करते हैं तो उसे बंद कर दें। उन्होने कहा कि तंबाकू खाने से सबम्यूकस फाइब्रोसिस का खतरा बढ़ जाता है। रोग बढ़ने पर मुंह बन्द होता जाता है। ब्रश करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मुंह के कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।