नई दिल्ली,जी.कृष्ण: सार्वजनिक परिवहन और सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने के मामले पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को 4 हफ्ते में मीटिंग कर इलेक्ट्रिक वाहनों से संबधित मामले में विचार करने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय से पूछा है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर उनके पास क्या योजना है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम सरकार को कोई आदेश नही दे रहे बल्कि हम ये जानना और समझना चाहते है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सरकार के पास क्या योजना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा प्रदूषण को लेकर समझौता नही किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह मामला न केवल दिल्ली एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में मदद के लिए आमंत्रण देने की पेशकश की। मामला सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने की मांग का है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने पूछा- क्या परिवहन मंत्री आकर हमें जानकारी दे सकते हैं? इसे समन नहीं निमंत्रण समझें क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में योजना की साफ़ तस्वीर अधिकारियों से ज़्यादा स्पष्ट उन्हें होगी। वहीं एडिशनल सलिसिटर जनरल ने कहा कि अगर केंद्रीय मंत्री को सुप्रीम कोर्ट बुलाया जाएगा तो इसका राजनीतिक असर पड़ेगा।