देश के गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार को लेकर एक बयान दिया जिसके बाद बिहार की सियासत में उबाल आ गया है। अमित शाह ने एक इंटरव्यू के दौरान यह कहा कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी नीतीश हीं एनडीए का चेहरा होंगे। इस बयान के बाद अब बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी की प्रतिक्रिया सामने आयी है। उन्होंने कहा कि इस वक्तव्य से उन लोगों का मास्टर प्लान फेल हो गया, जो भाजपा-जदयू गठबंधन में फूट डालकर सत्ता पाने की फिराक में लगे थे। उपचुनाव के दौरान भाजपा, जदयू और लोजपा ने साझा प्रचार अभियान चलाकर जनता के बीच अच्छी तरह साबित किया कि यह गठबंधन अटूट है।

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में उपचुनाव उस समय हो रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन में धारा 370 को समाप्त करने जैसे कई बड़े फैसले हुए और बिहार सरकार के हरियाली मिशन से लेकर आपदा प्रबंधन तक के काम लोगों के सामने आये। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ वे लोग हैं, जो कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय बनाने की नापाक कोशिश में पाकिस्तान का साथ देने वाले बयान दे रहे हैं।जो लोग कोसी की बाढ़, चमकी बुखार और जल जमाव के समय जनता के नेटवर्क एरिया से बाहर दिल्ली में अज्ञातवास कर रहे थे, वे अब किस मुंह से वोट मांगने के लिए घूम रहे हैं?