नई दिल्ली:बिहार प्रदेश की राजधानी पटना से सटे बिहटा ट्रेडरस असोसिएशन के अध्यक्ष निर्भय सिंह के हत्या के आरोपी अमित सिंह को पटना उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिये जाने का मामला पहुंंचा सुप्रीम कोर्ट। मृतक के भाई की ओर से समरहर सिंह, एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के माध्यम से दायर एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जारी किया नोटिस। 2 हप्ते में मांगा जवाब। अमित सिंह को पटना हाइकोर्ट से 10 जून 2020 को जमानत मिल गई है। बतादे कि निर्भय सिंह की हत्या 2017 में इसलिए कर दी गई क्योंकि वो रंगदारी टैक्स का विरोध कर रहे थे। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 10 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर हो चुका है। मुख्य आरोपी अमित सिंह पर 14 मामले दर्ज है। जिसमें 9 मामले हत्या, फिरौती अपहरण जैसे संगीन जुर्म के है। यह भी विदित हो कि जब अमित सिंह हत्या के बाद 6 महीने तक पुलिस के गिरफ्त से बाहर था उस दौरान भी उसने 4 संगीन अपराधों का अंजाम दिया। बिहार सरकार ने अमित सिंह पर बिहार क्राइम कंट्रोल एक्ट के तहत कार्यवाही किया। वो फिलहाल जेल में बंद है। वही पटना हाइकोर्ट के आदेश के मुताबिक CCA की अवधि 4 सितंबर 2020 तक है। ज्ञात हो कि मृतक की पत्नी ने बिहार सरकार से बार-बार सुरक्षा की गुहार लगा चुकी है उसके बावजूद आज तक उसे सुरक्षा मुहैया नही कराया गया। जबकि उसके जान का खतरा है।