जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की हिरासत के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से जवाब मांगा है। बता दें कि उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला ने पब्लिक सेफ्टी एक्ट, 1978 के तहत नजरबंदी को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी जिसपर उन्हें बड़ी राहत मिली है। मामले की सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी कर 2 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सारा अब्दुल्ला का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद थी कि उमर अब्दुल्ला की हिरासत मामले पर हमारी अपील सुनी जाएगी क्योंकि यह नजरबंदी प्रत्यक्षीकरण का मामला है। लेकिन हमें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। हम यहां हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि सभी कश्मीरियों को भारत के सभी नागरिकों के समान अधिकार होना चाहिए और हम उस