आँधियों में जैसे कहीं कोई मशाल जलता है
तारीकियों में सर सैयद का कमाल जलता है

अंधेरी काली रात में जलाया चिराग़ रौशनी के लिए वो अपना घर जलाकर ज़माने में उजाला कर गया.

मोशीर त्यागी/कतर/अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 0एलुमनाई असोसिएशन क़तर द्वारा “सर सैय्यद दिवस 2019” का भव्य आयोजन 25 अक्टूबर शुक्रवार के दिन शाम 6:30 बजे दोहा शेराटन होटल में होने जा रहा है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का उल्लेख विश्व के प्रमुख विश्वविद्यालयों की सूची में विगत कई वर्षों से सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में लगातार होता आ रहा है। भारत की स्वतंत्रता के पूर्व से ही अलीगढ़ शिक्षा का केंद्र रहा है। इस विश्वविद्यालय के पूर्वर्ती छात्र विश्व के कोने कोने में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है। देश एवं विदेश के विकास में यहां के छात्रों की उल्लेखनीय भूमिका रही है।

विश्वविद्यालय के संस्थापक महान शिक्षाविद, समाजसुधारक और भारत मे नवीन शिक्षा पद्घति के सूत्रधार आदरणीय “श्री सर सैय्यद अहमद खान” का जन्मदिवस, “सर सैय्यद दिवस” के रूप में प्रत्येक वर्ष समूचे विश्वभर में बहुत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। उस दिन सम्पूर्ण अलीग बेरादरी देश के महान शिक्षाविद समाजसुधारक सर सैयद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती है।

भारत में 1857 के विद्रोह के पश्चात अंग्रेजों का अत्याचार अपने चरम सीमा पे था। देश मे भय और अनिश्चितता का वातावरण व्याप्त था। देश की स्थिति अत्यंत दयनिय हो चुकी थी भूखमरी, बेरोजगारी, ग़रीबी, महामारी और लाचारी के सेवा कुछ न था। शिक्षा से और पठन पाठन से हम कोसों दूर हो चुके थे।

ऐसी परिस्थिति में सर सैयद ने शिक्षा का अलख जगाया। और 1875 में एक ऐतिहासिक विश्वविद्यालय अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की। स्थापना की। इस विश्वविद्यालय ने सम्पूर्ण भारत मे शिक्षा के प्रचार प्रसार में अग्रणी भूमिका निभायी। भारत ही में नही अपितु दक्षिण एशिया के विभिन्न देशों में भी इस ऐतिहासिक विश्वविद्यालय ने शिक्षा के दीप प्रज्वलित किये।

सर सैयद का जन्म 17 अक्टूबर 1817 को हुआ। ये दिन इतिहास के पन्नो मे अमर होकर रह गया। आज भारत के इस विश्वविद्यालय से शिक्षा अर्जित करके लाखों भारतीय देस विदेश में अपना नाम रौशन कर रहे हैं। सर सय्यद केवल व्यक्ति विशेष का नाम मात्र ही नही था बल्कि सर सैयद एक विचारधरा के जनक थे जिसका मूल ये था के “भारत एक हसीन दुल्हन है और हिन्दू-मुस्लिम इसकी दो खूबसूरत आंखें”

भारत के शिक्षा व्यवस्था, और इसकी एकता अखंडता मे सर सैय्यद के योगदान को न तो नकारा ही जा सकता है और न कभी भुलाया ही जा सकता है।

शाम दर शाम जलेंगे तेरी यादों के चिराग
नस्ल दर नस्ल तेरा दर्द नुमायां होगा

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एलुमनाई असोसिएशन क़तर के अध्यक्ष श्री जावेद अहमद ने बताया कि क़तर के अंदर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त किये हुए अनेकों विद्यार्थी विभिन्न सरकारी एवं गैरसरकारी संस्थाओं में अपनी अपनी सेवाओं का महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ये वो भारतीय हैं जो क़तर के विभिन्न विभागों के उच्च पदों पे आसीन हैं। और क़तर के चहुमुखी विकास में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं। और अपने देश प्रदेश का नाम उज्जवल करके देश की गरिमा बढ़ाने का काम कर रहे हैं। और अपने देश के आर्थिक सामाजिक विकास में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एलुमनाई असोसिएशन क़तर के बैनर में यहां सभी भारतीय आपस मे सौहार्द के वातावरण में अपना जीवन यापन कर रहे हैं तथा आपस मे एक दूसरे के दुख दर्द के सहभागी हैं और विभिन्न परिवारक, शैक्षणिक , साहित्यिक कार्यक्रमों का नित्य आयोजन करते रहते हैं। क़तर में मौजूद भारतीय राजदूत भी इन कार्यक्रमो में को प्रोत्साहित करते रहते हैं तथा अपनी भागीदारी भी सुनिश्चित करते रहते हैं।

इस वर्ष ये आयोजन बहुत विशेष है क्योंकि इस वर्ष संगठन के संरक्षक आदरणीय सबीह बुखारी साहब के नेतृत्व में बहुत से अतिविशिष्ट अतिथियों का आगमन हो रहा है जिनमे मुख्य रूप से क़तर के शिक्षा मंत्री महामहिम डॉक्टर इब्राहिम बिन सालेह अलनईमी, साथ ही क़तर राष्ट्र के महामहिम आदरणीय श्री मुहम्मद बिन अहमद बिन तोवर अल कुवारी वाइस चेयरमैन ऑफ क़तर चैम्बर इस कार्यक्रम में उपस्थित होंगे।

साथ ही भारत के राजदूत श्री पी कुमारन, अमुवि के पूर्व उपकुलपति श्री नसीम अहमद, सिने जगत की कलाकार तथा राजनीति से जुड़ी हुई अदाकारा भी उपस्थित रहेंगी। क़तर के उधोगपति एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री अज़ीम अब्बास, श्री हसन चोग़ले, भारतीय दूतावास के प्रथम सेक्रेटरी श्री एस अर एच फहमी साहब भी मेहमानों में मौजूद रहेंगी। इसके इलावा देश विदेश के कई गणमान्य अतिथिगण तथा मीडियाकर्मी भी उपस्थित रहेंगे।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एलुमनाई असोसिएशन क़तर के अध्यक्ष श्री जावेद अहमद, संस्था के संरक्षक मोहम्मद सबिह बुखारी, और संस्था के सभी अधिकारी और बरिष्ठ सदस्य प्रमुख रूप से श्री जेयाउलहक, मोहम्मद सरवर मिर्ज़ा, मोहम्मद अहमद, आसिफ खान, मोहम्मद फरमान खान, शाहिद यार खान, अली इमरान, जेयाउद्दीन अहमद, कमर आलम, डॉक्टर सैय्यद जाफरी, डॉक्टर नदीम जिलानी, फैज़ान अहमद खान, शाहिद परवेज़, अब रिज़वान, डॉक्टर आशना नुसरत, मोहम्मद फैसल नसीम, जावेद सुल्तान, दानिश खान, अब्दुल करीम, मोहम्मद ने समस्त अलीग बरादरी से आग्रह किया है के वो इस भव्य आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होकर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और भरपूर आनंद लें।