राजस्थान के सियासी हालात अब ठीक वैसे हीं नजर आ रहे हैं जो अब से कुछ महीनें पहले मध्य प्रदेश में बने और फिर कमलनाथ सरकार गिर गयी। मध्य प्रदेश में कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया हीं कमलनाथ के लिए विलेन साबित हुए दूसरी तरफ राजस्थान में सचिन पायलट की वजह से सीएम अशोक गहलोत की कुर्सी खतरे में है। राज्‍य के उप-मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के युवा नेता सचिन पायलट ने मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को सचिन दिल्‍ली में थे और कहा जा रहा है कि कांग्रेस की अध्‍यक्षा सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी से मिलना चाहते थे। लेकिन उनकी मुलाकात दोनों में से किसी एक से भी नहीं हो सकी है। अब सचिन के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में आने की अटकलें तेज हो गई हैं।

हालांकि सचिन ने खुद इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।सचिन पायलट को अभी तक सोनिया और राहुल से मिलने का अप्‍वाइंटमेंट नहीं मिल सका है। 42 साल के सचिन करीब 30 विधायकों के साथ दिल्‍ली में थे। उन्‍होंने करीब नौ दिन पहले गांधी परिवार के करीबी से जब बात की थी तो उस समय मीटिंग की योजना बनाई गई थी। सूत्रों की मानें तो राहुल और सोनिया ने तय किया था कि अगर कोई समझौता संभव है तो वह वार्ता के लिए तैयार हैं। उन्‍होंने अपने इस करीबी से संदेश भिजवा दिया था। लेकिन इस बार पायलट ने मुख्‍यमंत्री की पोस्‍ट के अलावा कोई और पेशकश मानने से साफ कर दिया।