सासाराम:-रंजन कुमार: रोहतास जिला के कैमूर पहाड़ी पर लगातार प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिलते रहे हैं। पुरातत्ववेक्तो और इहासकारों ने मिलकर कैमूर पहाड़ी के 6 जगहों पर प्राचीन मेगालिथ के अवशेष खोजे हैं। जिससे कैमूर पहाड़ी पर सभ्यता के प्रमाण मिले हैं।

पुरातत्वविदों का कहना है कि मेगालिथ एक संस्कृति है। जो पाषाणकाल से लेकर ईसा पूर्व तक के काल में देखा गया है।

लोगों के मृत्यु के बाद उनके समाधि स्थल पर बड़े-बड़े पत्थर गाड़ दिए जाते थे या फिर पत्थरों को इकट्ठा करके मेगालिथ बनाते थे।

कहा जाता है कि दक्षिण भारत में कई जगह पर मेगालिथ के अवशेष मिले हैं। लेकिन बिहार में पहली बार कैमूर पहाड़ी के छ: जगहों पर मेगालिथ के अवशेष मिले हैं।

प्रसिद्ध पुरातत्वविद और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डी.पी. तिवारी ने अपने टीम के साथ कैमूर पहाड़ी के मेगालिथ स्थलों का जायजा लिया।

पहाड़ी के रोहतासगढ़ तथा हूरमेटा में मेगालिथ मिले हैं।जिसे महापाषाण भी कहा जाता है। विद्वानों का कहना है कि इस पर और शोध होने की जरूरत है।