नई दिल्ली, उमाशंकर: देश के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी रैगिंग का एक मामला सामने आया है. बीए जर्मन, फर्स्ट ईयर के छात्र रवि राज ने पीएचडी के एक छात्र पर रैगिंग और मारपीट का आरोप लगाया है. रवि ने बताया कि जेएनयू के सीनियर ने उठक-बैठक भी लगवाई.

छात्र ने कहा, ”मैं 18 जुलाई को नर्मदा हॉस्टल में अपने दोस्त से मिलने आया था. जब डॉरमेट्री से आगे बढ़ा तो एक युवक अपनी कार के पास था. उसने बुलाया, नाम पूछा और कहा कि कहां से हो? मैंने कहा बिहार से, तो मुझे बिहारी कहा और गाली दी. फिर मुझे थप्पड़ मारा. इसके बाद उसने मुझसे कहा कि तुम आगे से यहां नहीं आना?”

रवि राज ने दावा किया, ”मुझसे कान पकड़ने को कहा. मैंने कान नहीं पकड़े तो फिर मुझे मारा और उठक बैठक लगवाई और कहा कि आगे से मेरी नजरों के सामने मत आना और तुमने यहां पर बिहार वाला माहौल बना दिया है?” उसने कहा मैंने दिल्ली पुलिस और जेएनयू में एंटी रैगिंग स्क्वायड में शिकायत की है. यूजीसी की वेबसाइट पर भी एंटी रैगिंग सेल में शिकायत मेल की है.

रवि ने कहा, ”जेएनयू की एंटी रैगिंग स्क्वायड ने मुझे बुलाया था पहली हियरिंग पर मुझसे घटना के बारे में पूछा गया था जो मैंने लिखित में दे दिए हैं आरोपी पीएचडी का छात्र है.” जेएनयू में हुए रैगिंग के मामले को लेकर एंटी रैगिंग कमेटी की चेयरपर्सन शंकरी ने कहा कि शिकायत मिली है जिसकी जांच चल रही है जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती प्रशासन की तरफ से कुछ भी नहीं कहा जाएगा.

20 जुलाई को रवि ने इस मामले को लेकर ट्वीट भी किया और इस ट्वीट को केंद्रीय मंत्री मानव संसाधन रमेश पोखरियाल, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और जेएनयू वीसी को भी टैग किया। इस घटना के बाद बिहार से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक पारा गर्म हो गया है।

साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी देवेंद्र आर्य ने पूरे मामले पर ऑन कैमरा बात करने से इंकार किया. उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है कार्यवाही की जा रही है, अगर कोई लीगल कार्यवाही बनती होगी तो जरूर की जाएगी.