वाराणसी, जितेन्द्र कुमार : समाजवादी पार्टी महानगर ने नगर विकास मंत्रालय द्वारा नदी के किनारे घाटों पर धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों को भारी कर लगाने के विरोध में अपर नगर आयुक्त को मांग पत्र सौंपा।
समाजवादी पार्टी महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा एवं महानगर महासचिव जितेंद्र यादव के नेतृत्व में सपा नगर निगम पार्षद दल के नेता कमल पटेल मुख्य सचेतक हारुन अंसारी सहित सपा पार्षदों ने नगर आयुक्त को संबोधित मांग पत्र अपर नगर आयुक्त देवी दयाल शर्मा को सौंपा।

सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने कहा बनारस धार्मिक सांस्कृतिक सामाजिक नगरी है बनारस की यही पहचान है इस कानून से बनारस की पहचान नष्ट हो जाएगी बनारस के घाटों पर निर्भर पंडो का रोजी रोजगार इस ‘कोरोना’ के समय नष्ट हो जाएगा।

महानगर महासचिव जितेंद्र यादव ने कहा बनारस के रज रज में कला संस्कृति धर्म अध्यात्म बसता है ऐसे कठोर प्रावधान से विभिन्न सांस्कृतिक धार्मिक आध्यात्मिक व सामाजिक आयोजन बाधित हो जाएंगे। बनारस का बनारसीपन खो जाएगा।
सपा पार्षद दल के नेता कमल पटेल ने कहा इस तरह का कोई भी कानून नगर निगम के सदन पटल पर लाने के बाद ही लागू किया जाना उचित होगा अन्यथा सपा पार्षद गण सदन में और सड़क पर इस कानून का जोरदार विरोध करेंगे।
नगर निगम में सपा पार्षद दल के मुख्य सचेतक हारुन अंसारी ने कहा बनारस की जनता सीमा सड़क वसुधा पेयजल की समस्या से जूझ रही है और सरकार कर वसूलने के नए-नए हथकंडे अपना रही है। पूर्व पार्षद वरुण सिंह ने कहा यह कानून जजिया कर जैसा है।
पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पूर्व पार्षद रामशरण बिंद एवं पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष वर्तमान पार्षद मिथिलेश साहनी बच्चा ने कहा बनारस के घाटों को भारी कर के दायरे में लाकर सरकार नाविक समाज के रोजी रोजगार को भी घोर संकट में डालने का काम करेगी।

इस अवसर पर श्रीमती पूजा यादव, पार्षद गोपाल यादव, अवनीश यादव विकी, विवेक यादव, ज्ञान सिंह पटेल, राज बहादुर सिंह पटेल, आलोक गुप्ता, जावेद अख्तर, संदीप शर्मा लोहार,जितेंद्र मौर्य, विनोद पटेल, अनिल यादव आदि लोग रहे।