नई दिल्ली, उमाशंकर: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने स्पष्ट कहा है कि सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की पाकिस्तान की कोशिशें कामयाब नहीं होने देंगे। एनएसए ने कहा कि सरकार और सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट हैं। उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर के लोग सरकार के फैसले से खुश हैं।

पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि उनके मंसूबे कामयाब नहीं होनेवाले हैं क्योंकि कश्मीर में पूरी तरह से शांति है और हालात सामान्य हैं। सीमा पार से आतंकी गतिविधियों पर कहा कि ‘सीमा से 20 किमी. की दूरी पर पाकिस्तान के कम्युनिकेशन टावर हैं। हमने उनकी बातचीत सुनी है जिसमें कह रहे हैं कि तुम लोग क्या कर रहे हो? वहां (कश्मीर में) इतने सारे सेब से भरे ट्रक कैसे चल रहै हैं? तुम्हारे लिए क्या अब चूड़ियां भिजवा दें?’

डोभाल ने कहा कि कश्मीरियों की रक्षा के लिए हमने संकल्प लिया है और इसके लिए अगर हमें कुछ पाबंदियां लगानी हो तो हम वह भी करने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान के पास अब एक मात्र हथियार आतंकियों की मदद करना और आतंक फैलाना भर ही है। डोभाल ने नेताओं को नजरबंद किए जाने पर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में समस्याएं हो सकती थीं और अगर सभाएं होतीं तो आतंकवादी हालात का फायदा उठाते।

उनमें (जम्मू-कश्मीर के नेता) से किसी को भी देशद्रोह या फिर किसी अपराध के आरोप के साथ नजरबंद नहीं किया गया है। जब तक लोकतंत्र के लायक वातावरण नहीं बन जाता वो तब तक ही नजरबंदी में हैं, जिसका मुझे विश्वास है कि जल्द होगा। सबकुछ कानून के दायरे में हो रहा है, वह अपनी नजरबंदी को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने आर्टिकल 370 पर कश्मीरियों के पूर्ण समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा, ‘मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि अधिकतर कश्मीरी आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले में हमारे साथ हैं। वह अपने लिए बेहतर अवसर, आर्थिक प्रगति, रोजगार के अवसर देख रहे हैं। सिर्फ कुछ ही लोग ऐसे हैं जो निजी स्वार्थ के कारण इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।’