नई दिल्ली/ बुशरा असलम। अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2019 में उत्तर प्रदेश मण्डप के उद्घाटन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों की स्थापना के लिये लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूंजी निवेश और उद्योग स्थापना की असीम संभावनायें हैं। राज्य में निवेश लाने के लिए प्रदेश सरकार की 21 नई नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश पूंजी निवेश के लिये एक हब के रूप में विकसित हो रहा है।

मुख्य सचिव ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश का देश में पहला स्थान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्तर प्रदेश इनवेस्टर्स समिट, प्रथम ग्राउण्ड ब्रेक्रिंग सेरेमनी, द्वितीय ग्राउण्ड ब्रेक्रिंग सेरेमनी और कई आयोजनों के जरिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश की परियोजनाओं की नींव रखी गयी, जिससे करीब 5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डिफेन्स इण्डस्ट्रियल मैन्यूफैक्चरिंग कॉरीडोर का शिलान्यास किया है, जिससे 2.5 लाख लोगों का रोजगार मिलेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रही है। फ़ूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश लाया जा रहा है जिसका लाभ किसानों को मिलेगा। किसान सम्मान योजना से प्रदेश के लाखों किसानों को आर्थिक मदद भी दी गयी है। इसका परिणाम यह है कि कृषि के क्षेत्र में आज उत्तर प्रदेश बाकी राज्यों से काफी अच्छा उत्पादन कर रहा है।
उन्होंने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से उद्यमियों के 46,220 आवेदनों को निस्तारित किया गया। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान लागू है। इसस प्रदेश 92.87 प्रतिशत स्कोर के साथ अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि स्थानीय शिल्प/कौशल और कला के संवर्धन के साथ संरक्षण एवं विकास करने, रोजगार एवं आय में वृद्धि, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार, आर्थिक असमानता को दूर करने के उद्देश्य से ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना आरम्भ की गयी है। एक जनपद-एक उत्पाद समिट-2018 का आयोजन कर 1 लाख 91 हजार 191 लाभार्थियों को लगभग 18 हजार 345 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। ओडीओपी से लगभग 5 लाख हुनरमंदों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश से 1 लाख 14 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निर्यात किया गया, जो विगत वर्षों से 25 हजार करोड़ रूपये से काफी अधिक है।
मुख्य सचिव ने कहा कि ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ में चयनित उत्पाद अलीगढ़ के ताले एवं हार्डवेयर, आगरा एवं कानपुर के चमड़े के उत्पाद, गाजियाबाद के यांत्रिकी उत्पाद, गोरखपुर का टेराकोटा उत्पाद, फिरोजाबाद के कांच उत्पाद, सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल, संत रविदास नगर (भदोही) के कालीन, वाराणसी की सिल्क उत्पाद, कन्नौज का इत्र, उन्नाव की जरी जरदोजी, लखनऊ के चिकनकारी उत्पाद लोकप्रिय हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह मेला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे ‘‘एक जनपद-एक उत्पाद’’ योजना, ‘‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान’’ योजना एवं उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति इत्यादि के ब्राण्डिंग एवं प्रचार-प्रसार का उत्कृष्ट माध्यम है।

उन्होंने कहा कि यह मेला बायर और सेलर के मिलन का एक प्लेटफार्म है, जिससे हस्तशिल्प और एमएसएमई निर्माताओं को उनके उत्पादों के खरीदारों से समन्वय स्थापित करने में सहायता मिलती है। मेले में प्रदेश की इकाईयों द्वारा उच्च स्तर का कारोबार किया जाता है, इस कारण यह मेला जन सामान्य के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है।इस अवसर पर प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, सीईओ ग्रेटर नोएडा नरेंद्र भूषण, निदेशक उद्योग गौरव दयाल आदि उपस्थित थे। इससे पूर्व मुख्य सचिव ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर उत्तर प्रदेश पैवेलियन का उद्घाटन किया।