मऊ जिले की कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात से हर कोई सशंकित है। कोई भी दिन बाकी नहीं होता जब संगीन अपराध कर अपराधी पुलिस व्यवस्था को ललकारते न हों। लगातार हत्या, लूट बलात्कार, राहजनी, चोरी और ठगी कर अपराधी पुलिस की नींद हराम कर दिये हैं। चिरैयाकोट थाना अंतर्गत रानीपुर ब्लाक में प्रधान की दिन दहाड़े हत्या का मामला अभी ठंढा भी नहीं हुआ था कि रानीपुर क्षेत्र में ही एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दिया गया। इससे पहले रानीपुर थाना क्षेत्र मे ट्यूबेल पर सो रहे एक बृद्ध की गला काटकर हत्या कर दिया गया था। वहीं दक्षिण टोला थाना क्षेत्र में 6 बर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार हुआ। हफ्तों प्रशासन और पत्रकार चुप्पी साधे रहे। हलधरपुर थाना क्षेत्र में दिन दहाड़े युवतियों द्वारा फील्मी अन्दाज में युवक की हत्या की गई। इसके पहले हलधरपुर थाना क्षेत्र में दो दो बार छिनैती की वारदात हुई। घोसी कोतवाली क्षेत्र के नदवा सराय में छिनैती का खुलाशा भी नहीं हो पाया था कि पुलिस लॉकप में युवक की मौत से कोहराम मच गया। कोपागंज थाना क्षेत्र में बाइक सवार से पैसे की दिन दहाड़े छिनैती हुई।आपको ये भी जानना अहम है कि जिस दिन मऊ जिले में नये कप्तान ने कार्यभार ग्रहण किया था उसी दिन तड़के सुबह मधुबन में अपराधियों ने दीपन यादव को गोलियों से भून कर लाल सलाम कर दिया। उसके बाद लगातार अपराध कर अपराधी पुलिस व्यवस्था को ललकार रहे हैं। जागरूक पुलिस मुश्तैद पुलिस कप्तान? चौकस व्यवस्था, फिर भी अपराधियों के कारनामों को सुनकर हलक में जुबान सूख जाती है। वहीं वर्षों से बिगड़े हालात में जिले की बागड़ोर सम्भालने वाले कप्तान अनुराग आर्य के सामने चुनौती भरा माहौल मिला।

मऊ जनपद में अपराधियों की आमद कोई नई बात नहीं है जिस जिले का सासंद बलत्कारी हो? बार-बार भारी मतों से विधायक चुना जाता माफिया डॉन हो। वहां की जनता तो तबाही में ही रहेगी? चाहे कितना भी तेज-तर्रार, बहादुर और ईमानदार पुलिस कप्तान हो। जहां जरायम की खेती ही होती रही हो जिस जिले में माफिया डॉन को ही बर्षो से सम्मान मिलता रहा हो। वह कुछ भी न करें तब भी तो अफीम की खेती की तरह हवा में नशा बरकरार ही रहेगा? इस अपराध भरी सियासी धरती पर पानी से सस्ता खून हो गया है। जहां की जनता बलात्कारी, व्यभिचारी, शराबी, और कबाबी को अपना रहनुमा बनाती रही हो, जहां ए क्लास का अफसर अंगूठा छाप, सड़क छाप सासंद को सलाम करता हो? उस जनपद में अपराध, अपराधी की व्याधि को तो जड़ जमाना ही है। भ्रष्ट व्यवस्था के पोषक इस जिले में ईमानदार, तेज-तर्रार अफसरों को कहां बरदाश्त कर पाते हैं लेकिन इस बार मुलाकात बब्बर शेर से हुई है। सबकी जबान पर ताला है। हर अपराध का ताजा खुलासा चर्चा में है। अपराधियो को लगातार जेल, पुलिस कप्तान के लिये खेल बन गया है। चार माह पहले तक अपराध, अपराधी सुशुप्ता अवस्था में थे। लेकिन ज्यों ही कानून का पहरेदार ईमानदारी के लबादे में जिले की कमान सम्भाला खलबली मच गयी? ताबड़तोड़ अपराध, चोरी, छिनैती, राहजनी, हत्या और बलात्कार का सिलसिला जोर पकड़ लिया?मंगलवार को दिन दहाड़े दोहरीघाट थाना क्षेत्र के मादी सिपाह गांव में बदमाशों ने एक शिक्षिका और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। दशहरे के त्यौहार के दिन हुई वारदात से पूरे जिले में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने कार्यवाही शुरू कर दी है। मां-बेटे की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के साथ अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। मां बेटे की हत्या पुलिस व्यवस्था के सामने तीखा सवाल पैदा कर दिया है। एक बार फिर जिले के पुलिस कप्तान को अपराधियों ने चुनौती दिया है सबको मालूम है अपराधी कानून से देर तक पीछा नहीं छुड़ा पायेंगे महज चन्द दिनों में जेल की सलाखों मे होंगे। बावजूद इसके दोहरीघाट की धरती पर अपराधियों ने हत्या कर दहशत पैदा कर दिये हैं।

कहने के लिए जिले के सभी थानों में इंस्पेक्टर तैनात हैं। खाना पूर्ति करने के लिए क्षेत्र में क्षेत्रिय दरोगा भी गस्त लगाते हैं। इनके पास कोई पीड़ित गुहार लगाने जाता है तो दबंगों के प्रभाव में ये लोग खुद ही जज बन जाते हैं फिर क्या.. ना अपील ना दलील.. एकतरफा होती है सुनवाई और सुना दिया जाता है पीड़ित को फैसला। इस फैसले में पीड़ित को एबीसीडी समझाकर भेज दिया जाता है। अब थानों में तैनात इंस्पेक्टर और क्षेत्रीय दरोगा ही मामलों का निस्तारण दबंगों के हित में कर देंगे तो साफ है इलाके में दबंग, अपराधी खुलेआम अपराध कर जुर्म का सौगात देते रहेंगे। इस घटना के बाद क्षेत्र में काना फूसी भी हो रही है कि कहीँ न कहीँ व्यवस्था की चादर में ही छेद है। जिससे अपराधियों को पुलिस की कमजोरी का भेद मिल रहा है। वहीं पुलिस कप्तान की सख्ती के बावजूद भी थानों में दलालों का जलवा और सेटिंग-गेटिंग कायम है। वहीं सफेदपोशों की छत्रछाया में बढ़ रहा जरायम है। जिस तरह दहशत का माहौल बनता जा रहा उससे आम आदमी दहशत ज़दा है। पुलिस कप्तान पर तो लोगो को भरोशा है। लेकिन थानों के बिगङे माहौल पर लोंगो के बीच घोर निराशा है। जिले की जनता चट्टी, चौराहों पर बात कर रही है कि इतने तेज तर्रार पुलिस कप्तान के रहते अपराधी बेकाबू हैं। यहां हर थाने की व्यवस्था जुदा-जुदा है। तब अब इस जनपद का भगवान मालिक या मालिक खुदा है।

साभार – जगदीश सिंह, वरिष्ठ पत्रकार