कोरोना वायरस की वजह से पूरा देश लाॅकडाउन मोड में है। लाॅकडाउन के दौरान देश ने कई ऐसी तस्वीरें देखी है जो शायद पहले कभी नहीं देखी गयी। बेइंतहा दर्द, संवेदनहीनता, गरीबों की मजबूरी, उनकी हिम्मत और उनलोगों का बड़ा दिल जो इस संकट के समय में लोगों की मदद कर रहे हैं। इस देश ने हाल के दिनों में यह सब देखा है। यूपी की एक 12 साल की बच्ची ने भी लाॅकडाउन में कुछ ऐसा किया है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। इस संकट के समय हर कोई परेशानी से गुजर रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी मजदूरों को हो रही है, जो इस संकट के समय किसी दूसरे राज्यों में फंस गये हैं और अपने घर जाना चाहते हैं.

कई लोग प्रवासियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं, ऐसे में उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहने वाली 12 वर्षीय एक लड़की ने झारखंड के मजदूरों के मदद के लिए आगे आयी.उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहने वाली 12 वर्षीय निहारिका द्विवेदी ने झारखंड के तीन प्रवासी मजदूरों के उनके घर भेजने में मदद की. उसने प्रवासी श्रमिकों को हवाई मार्ग से झारखंड भेजने के लिए अपनी गुल्लक के बचत में से 48,000 रुपये दिया.

एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए निहारिका द्विवेदी ने बताया कि समाज ने हमें बहुत कुछ दिया है और इस संकट में उसे वापस भुगतान करना हमारी जिम्मेदारी है.उसने आगे कहा कि समाचार चैनलों को देखने और इन लोगों के संघर्ष ने मुझे प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचने में मदद करने के लिए प्रेरित किया है. उन्होंने समाज में बहुत योगदान दिया है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस संकट में उनकी मदद करें.