जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाने के मामले पर हुई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में एक फिर पाकिस्तान औंधे मुंह गिरा।
 पाकिस्तान को सुरक्षा परिषद में सिर्फ चीन का ही “खुला समर्थन” मिला। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से बता चुका है कि जम्मू-कश्मीर से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाकर उसका विशेष दर्जा खत्म करना देश का अंदरूनी मामला है और पाकिस्तान इस वास्तविकता को स्वीकार करे।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से खबर दे रहे पाकिस्तानी समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी दूत मलीहा लोधी और उनकी टीम इस महीने के आरंभ से ही संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों को यह समझाने में जुटी है कि कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने के भारत के फैसले से दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरता को किस तरह खतरा है।
लेकिन पाकिस्तान की पैतरेबाजी से अब सारी दुनिया वाकिफ हो चुकी है। आपको बतादें कि यूएन की यह बैठक महज अनौपचारिक थी।जिसका रिकॉर्ड नहीं रखा जाएगा।चीन के आग्रह पर हुई बैठक में स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और ब्रिटेन के अलावा 10अस्थायी सदस्य देश शामिल हैं।पाकिस्तान की यूएन में यह साजिश भी 1971 की तरह नाकाम रही।