भारत की एक बड़ी जीत है। नींदरलैंड स्थित द हेग इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने बुधवार को पाकिस्तान से कहा कि वह भारतीय नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव पर सुनाई गई सजा की समीक्षा करें। जाधव को जासूसी करने और विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप में फांसी की सजा दी गई है।आईसीजे ने भारत का पक्ष मानते हुए यह कहा कि जाधव को कान्सुलर एक्सेस दिया जाना चाहिए।”

अंतरार्ष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में बुधवार को अपना फैसला सुनाया। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत जासूसी के आरोप में जाधव को फांसी की सजा सुना चुकी है, जिसे भारत ने बेबुनियाद बताया है। सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव (49) को ‘जासूसी और आतंकवाद’ के आरोपों पर पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। उसे सजा सुनाए जाने का भारत में कड़ा विरोध हुआ था।

ICJ ने कहा है कि पाकिस्तान को इस मसले पर फिर से विचार करना चाहिए। आईसीजे ने कुलभूषण जाधव के फांसी पर रोक लगा दी है। आपको बतादें कि इस केस में केवल पाक जज ने ही विरोध किया।इस केस में 15 जज शामिल थे। ये फैसला भारत के पक्ष में आया है।