नई दिल्ली/वाशिंगटन,उमाशंकर,प्रतिमा भारद्वाज: मोदी है तो मुमकिन है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को ह्यूस्टन में होगें। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उनके साथ Howdy Modi रैली में शिरकत करेंगे।अब तक जो व्हाइट हाउस से संकेत मिल रहे हैं उसके आधार पर कहा जा सकता है कि रविवार को ह्यूस्टन शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाउडी मोदी में राष्ट्ररपति डोनाल्ड ट्रंप कुछ नई घोषणाओं का ऐलान कर सकते हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 सितंबर से अमेरिका जा रहे हैं। पीएम मोदी ह्यूस्टन में 50 हजार भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे।गुरुवार को जब अमेरिकी मीडिया ने डोनाल्ड ट्रंप से हाउडी मोदी कार्यक्रम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अच्छे संबंध हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हो सकता है आपको हाउडी मोदी में कुछ बड़ा ऐलान देखने को मिले। हालांकि, ट्रंप ने रिपोर्टर्स को इसके बारे में कुछ नहीं बताया कि ऐलान क्या होगा?

आपको बता दें कि सोमवार को ही व्हाइट हाउस की तरफ से इस बात की पुष्टि की गई थी कि डोनाल्ड ट्रंप 22 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप के अलावा कई अमेरिकी सांसद, रिपब्लिकन-डेमोक्रेट्स पार्टी के नेता शामिल होंगे। ऐसा पहली बार होगा जब डोनाल्ड ट्रंप-नरेंद्र मोदी इस तरह के कार्यक्रम में मंच साझा करेंगे।


अब जरा देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Howdy Modi कार्यक्रम को लेकर क्या सियासी हलचल है ये भी जान लीजिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था की गिरती हालत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। बुधवार को राहुल ने हैशटैग हाउडीइकोनॉमी से ट्वीट किया, ‘‘श्रीमान मोदी, ‘हाउडी’ अर्थव्यवस्था का क्या हाल है?’’ राहुल ने खुद ही इस सवाल का जवाब भी दिया, ‘‘लगता नहीं कि ये (अर्थव्यवस्था) बहुत अच्छा कर रही है।’’ मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था को लेकर बनाई गई नीतियों की कांग्रेस लगातार आलोचना कर रही है।

वहीं प्रियंका गांधी ने भी मोदी के इस कार्यक्रम को निशाने पर लिया उन्होंने कहा- चकाचौंध दिखा कर रोज 5 ट्रिलियन-5 ट्रिलियन बोलते रहने या मीडिया की हेडलाइन मैनेज करने से आर्थिक सुधार नहीं होता। विदेशों में प्रायोजित इवेंट करने से निवेशक नहीं आते। निवेशकों का भरोसा डगमगा चुका है। आर्थिक निवेश की जमीन दरक गई है।


ये तो रही देश की अंदर की बात अब जरा पाकिस्तान में इस कार्यक्रम का क्या असर पड़ेगा ये भी देखिए। जम्मू-कशमीर से धारा 370 हटने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ। वह दुनिया के हर मंच पर कशमीर का राग अलाप रहा है लेकिन कहीं उसकी बात सुनी नहीं जा रही है।पिछले दिनो तो EU ने तो कह दिया की आतंकी चांद से नहीं आते पड़ोसी मुल्क से आते हैं।

हाल अब ये है कि पूरे पाकिस्तान में इमरान खाने के खिलाफ आवाज उठने लगी। बलूच का मामला तूल पकड़ने लगा है। बिलावल ने तो यहां तक कह दिया है कि हम कशमीर के चक्कर मे कहीं बलूचिस्तान ना खों दें। इमरान खान की नींद उड़ी हुई है। इस कार्यक्रम के बाद पाकिस्तान की और हालत खास्ता होने वाली है। इस बात को पाक पीएम और पाकिस्तान की आवाम को भी पता है। यही वजह है कि अब इमरान के खिलाफ भी आवाज उठने लगी है। एक बात तो तय हो गई है कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कद विदेश में और बढ़ने वाला है।