झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम ने जल संसाधन विभाग के टेंडरों की जांच कराने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जल संसाधन विभाग के तहत पिछले तीन वर्षों में आमंत्रित और निष्पादित की गयी सभी निविदाओं (टेंडर) की जांच के आदेश दिये हैं. जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जायेगी, जो जांच कर 30 जून तक रिपोर्ट सौंपेगी.

इस उच्चस्तरीय समिति का गठन पथ निर्माण विभाग में गठित उच्चस्तरीय समिति के अनुरूप होगा, जिसके अध्यक्ष विकास आयुक्त होते हैं.उच्चस्तरीय समिति जल संसाधन विभाग में प्रचलित अनुसूचित दरों तथा उसके निर्धारण की प्रक्रिया की समीक्षा करेगी. इसमें अगर किसी तरह की विसंगति पायी जाती है, तो उसकी जांच करेगी. इसके अलावा निर्धारित की गयी अनुसूचित दरों के आधार पर निष्पादित निविदाओं के सैंपल की जांच भी होगी. इसके लिए उच्चस्तरीय समिति एक तकनीकी समिति का गठन भी कर सकती है. तकनीकी समिति के मनोनयन और उसकी संख्या का निर्धारण उच्चस्तरीय समिति ही करेगी.