भारतीय सेना के अध्यक्ष जनरल मुकुंद रावत ने कहा है कि पहले के मुकाबले आज भारतीय सेना बेहतर तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में सेना की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाएगा न कि तादाद पर। वे आज दिल्ली में पहली मीडिया काॅन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। कांफ्रेस में सेनाध्यक्ष ने कहा की प्रशिक्षण का फोकस भविष्य के युद्धों के लिए सेना को तैयार करने पर होगा जो नेटवर्क केंद्रित और जटिल होगा। यही वह जगह है जहां हमारे प्रशिक्षण का जोर होगा। हमारा ध्यान सेना के भीतर और सभी सेवाओं के बीच एकीकरण पर होगा। हम सबको साथ लेकर चलेंगे। जनरल नरवणे ने कहा कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का गठन और सैन्य मामलों के विभाग का निर्माण एकीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है और हम अपनी ओर से यह सुनिश्चित करेंगे कि यह सफल रहे।सेना के रूप में हम भारत के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं और यह हमें हर हमारे कार्यों के प्रति मार्गदर्शन करता है।

संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की भावना हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी।चीन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में किये जा रहे सैन्य बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर सेना प्रमुख नरवणे ने कहा कि हम उत्तरी सीमा पर उभरी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं। हमने उत्तरी सीमा पर तैयारियों का पुनर्संतुलन प्रारंभ किया है, जिसमें उन्नत हथियार प्रणाली की तैनाती शामिल है।