गाजीपुर, आलोक त्रिपाठी : नगसर पुलिस का अमानवीय व बर्बर चेहरा सामने आया है। बीते 26 जुलाई को मनबढ़ युवक को पुलिस अभिरक्षा से भागने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक ही परिवार के आर्मी में हवलदार सहित नौ लोगों को पुलिस ने कितनी बेरहमी से मारा है इसकी गवाही शरीर पर पड़े जख्मों के निशान खुद दे रहे हैं। परिजनों ने नगसर थानाध्यक्ष सहित पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एवं कारवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है।

फौजी ने बताई पुलिसिया बर्बरता की कहानी

पुलिस के मारपीट में घायल आर्मी से हवलदार पद से रिटायर अजय पांडेय (55) व सुशील पांडेय (42) ने बताया कि पुलिस कर्मियों द्वारा थाना में ले जाकर उन्हें जमीन पर लेटा कर पट्टे व चौड़े डंडे में लगे नुकीले कील से जंघा व कमर के नीचे मारा गया। जिससे वहां खून जम जाने से काला पड़ गया है। चीखने-चिल्लाने पर भी पुलिस कर्मी छोड़ नहीं रहे थे। वहीं आर्मी में हवलदार के पद पर तैनात कमल कुमार पांडेय (44) ने बताया कि उन्हें भी कमर के नीचे पुलिस कर्मियों द्वारा पकड़कर बेरहमी से मारा गया जिससे खून जमने से काला निशान पड़ गया है। अविनाश पांडेय (34) ने भी बताया कि मुझे भी डंडे में लगे नोकीले कील से पैर में मारा गया जिससे पैर में अभी भी जख्म के निशान पड़े हुए हैं। इसके अलावा अन्य पांच लोगों ने भी बताया कि हमें भी पुलिसकर्मियों ने बेरहमी पूर्वक मारपीट कर शरीर पर कई जगह जख्म दिए हैं।

बर्बरता से पिटाई पर ब्राह्मण समाज में आक्रोश

इस वारदात से आहत बीजेपी नेता अनिल कुमार पाण्डेय ने प्रदेश में ब्राह्मणों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ एकजुट होने की अपील किया।