नई दिल्ली,उमाशंकर: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को भारत रत्न किया गया सम्मानित। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता और समाजसेवी रहे नानाजी देशमुख और असम के लोक गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मंत्रीमंडल के तमाम सदस्य मौजूद थे। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इन्हें राष्टपति भवन में सम्मानित किया।


83 वर्षीय प्रणब मुखर्जी यह सम्मान पाने वाले पांचवें ऐसे शख्स हैं, जो देश के राष्ट्रपति भी रह चुके हैं। उनसे पहले डॉ. एस राधाकृष्णन, राजेंद्र प्रसाद, जाकिर हुसैन और वीवी गिरी भी भारत रत्न से सम्मानित हो चुके हैं।


प्रणब मुखर्जी
प्रणब मुखर्जी का राजनीतिक करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्रपति बनने से पहले प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे और यूपीए सरकार के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। पश्चिम बंगाल के बीरभूम में जन्मे प्रणब के सक्रिय राजनीतिक करियर की शुरुआत 1969 में उनके राज्यसभा निर्वाचन के साथ हुई थी। उसके बाद अलग-अलग कांग्रेस सरकारों में उन्होंने वित्त, रक्षा, विदेश जैसे अहम मंत्रालयों का पदभार संभाला। प्रणब मुखर्जी की छवि एक निर्विवाद नेता की रही है।

प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा था, ‘प्रणब दा हमारे समय के उत्कृष्ट राजनेता हैं। उन्होंने दशकों तक निस्वार्थ भाव से अनवरत देश की सेवा की है। उन्होंने राष्ट्र के विकास पथ पर एक मजबूत छाप छोड़ी है।’