New Delhi, उमाशंकर: देश की सुस्त होती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों के मेगा कंसॉलिडेशन प्लान की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि देश को 5 लाख करोड़ की अर्थव्यबवस्थाक बनाने की दिशा में काम जारी है। इसके अलावा, 3 लाख फर्जी कंपनियां भी बंद की गई हैं। उन्होंोने कहा कि बैंकों में अच्छेक प्रबंधन के लिए काम किए गए हैं।

बैंकों ने हाल के दिनों में उपभोक्ताहओं के हित में घोषणाएं की हैं। 8 सरकारी बैंकों ने रेपो रेट लिंक्डं लोन्सद लॉन्चत किए हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि 250 करोड़ से ज्यादा के लोन में सरकार की नजर बनी रहेगी।

वित्त मंत्री ने पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक के विलय का ऐलान किया। इस विलय के बाद पीएनबी देश का दूसरा बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा।

इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक के विलय का भी ऐलान किया। निर्मला सीतारमण ने बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का भी विलय होगा।

इसके अलावा इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक के विलय का ऐलान किया गया। इस विलय के बाद देश को 7वां बड़ा पीएसयू बैंक मिलेगा. वित्तक मंत्री के ऐलान के बाद अब देश में 12 PSBs बैंक रह गए हैं। इससे पहले साल 2017 में पब्लििक सेक्ट्र के 27 बैंक थे।

मुख्य बातें
 14 पब्लिक सेक्टर बैंकों का मुनाफा बढ़ा
 3 लाख फर्जी कंपनियां बंद की गईं
 बैंकों के NPA घटकर 7.9 लाख करोड़ हुआ
 4 NBFCs को PSU बैंकों से मदद मिली
 8 PSU बैंकों ने रेपो लिंक्ड होम लोन शुरू किया
 PSU बैंकों के लिए बड़े सुधार की जरूरत
 भगोड़ों की संपत्ति पर कार्रवाई जारी रहेगी
 बैंकों में कर्मचारियों की छंटनी नहीं
 कर्ज वसूली अभी रिकॉर्ड स्तर पर