वाराणसी। आज देश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बन गई है जिसमें युवा, विद्यार्थी, महिलाएं जूझ रहे हैं देश के राजनेता इस समस्या का विकल्प ढूढने में लगे हैं। ऐसे माहौल में आजकल ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब देने वाली कम्पनियां कुकरमुत्तों की तरह उग गई हैं, ये लोग विद्यार्थियों और घरेलू महिलाओं को अपना निशाना बड़े आराम से बना लेते हैं। ये प्रलोभन देते हैं कि आप दो घण्टे मोबाइल पर काम करके आराम से 10 से 30 हजार रुपये महीने कमा सकते हैं वहीं इनके इस प्रलोभन भरे कुचक्र में पड़ने वाले युवा, घरेलू महिलाएं आराम से फंस जाती हैं।
उसके बाद ये कम्पनी वाले एक ड्रामा क्रिएट करते हैं। ऑनलाइन फार्म भरवाएंगे जो इनके हिसाब से होता है। इस फोरम की कीमत 25 से 50 और 100 रु तक होता है।
अब विद्यार्थी और घरेलू महिलाएं ये सोचते हैं कि चलो 2 घण्टे खर्च कर के हम 200 रु भी रोज कमा लें तो महीने में हमारी कुछ आमदनी हो जाएगी कुछ पढ़ाई का खर्च निकाल लेंगे तो कुछ घर का खर्च निकाल लेंगे लेकिन होता कुछ नहीं। कम्पनी वाले अपनी चालाकी से एक टारगेट बना देते हैं।आप फार्म भरिये और 100 लोगों को या एक सप्ताह में 1000 लोगों को फार्म भरवाइए तो आपको 25 रु प्रति फार्म दिया जाएगा। अब इनका टारगेट मुसीबत बन जाता है। कोई मेहनत करके 50 या 100 फार्म भरवा भी दिया तो भी उसका कुछ नहीं होता। उल्टा उसका मानसिक, आर्थिक उत्पीड़न शुरू हो जाता है।
इन जालसाज कम्पनी वालों के खिलाफ इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन ने एक मुहिम चलाया है। इस मुहिम के तहत जो तथ्य सामने निकालकर आया है वो बेहद चौका देने वाला है।
जब आल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन की टीम ने पड़ताल किया तो सामने आया कि इनका एक बड़ा गिरोह है और ये गिरोह फर्जी वकील को अपना लीगल एडवाइजर बताएंगे उसके द्वारा ऑन लाईन लीगल नोटिस भेजेंगे कि आपने कम्पनी के नियम अनुसार काम नहीं किया आप के ऊपर क्रिमिनल एक्ट और कम्पनी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा, अन्यथा आप कम्पनी के गुनहगार माने जाएंगे
24 घण्टे के अंदर या कोई डेट देंगे जिसके भीतर आप कम्पनी के इस एकाउंट में 20हजार या जो भी इनका मन हो लिखेंगे, इतना पैसा डाल दीजिये अब इनके झांसे में फंसे भोले भाले लोग इनके एकाउंट में पैसा भी भेज देते हैं जबकि कोई भी लीगल नोटिस व्हाट्सएप या मेल पर किसी को नहीं भेजी जाती और महिलाएं इनके जुरीडिक्शन में क्यों मुकदमा लड़ने जाएंगी। आज देश मे महिलाओं के पास अधिकार हैं वो अपने अधिकारों का प्रयोग कर ऐसे फर्जी लोगों को जवाब अच्छे से दे सकती हैं किंतु कानून की जानकारी सभी महिलाओं को नहीं है।

आल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन के संरक्षक डॉ आनंद के पांडेय ने स्पॉट टीवी के जरिए देश भर से अपील किया है कि ऐसे फर्जीवाड़े से बचें, ये लोग करोड़ों का चूना लगाकर खुद ऐश कर रहे हैं, वहीं देश के वित्त मंत्रालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो से ऐसे फर्जीवाड़े पर ध्यान देने की नसीहत डी है साथ ही इस तरह के फर्जीवाड़े के जांच की मांग की है।