महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद सियासी उठापटक देखने को मिली थी, जब बीजेपी-शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई और दोनों दलों के रास्ते अलग हो गए थे। इसके बाद बेहद नाटकीय अंदाज में देवेंद्र फडणवीस ने 23 नवंबर की सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। हालांकि, 80 घंटों के बाद ही उनको अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। देवेंद्र फडणवीस ने करीब 20 दिनों के बाद पूरे मामले पर खुलकर बात की और बताया कि ऐसा क्या हुआ था कि अचानक अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए वे तैयार हो गए थे।

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने खुद उनसे आकर बात की। फडणवीस ने कहा, समर्थन देने से पहले अजित पवार ने मुझसे बात की थी। इसके बाद उन्होंने जाकर राज्यपाल को पत्र सौंपा।देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शपथ लेने के बाद उनकी एनसीपी के विधायकों से बात भी हुई थी जिन्होंने हमें समर्थन देने को कहा था। फडणवीस बोले, उन्होंने तब यहां तक कहा था कि शरद पवार बीजेपी के साथ जाने के इस फैसले से अवगत हैं।