हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पुर्व सीएम जीतन राम माँझी ने जीविका के नियुक्ति और बिहार के स्वंय सहायता समूह और उद्यमियों को लेकर चिंता जाहिर की है।माँझी ने कहा कि एक तरफ जहाँ बिहारी उद्यमियों और स्वयं सहायता समूह को दूसरे राज्यों में अपमान का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ बिहार सरकार के निकम्मेपन के कारण जीविका के अधिकारियों की लूट खसोट से बिहारी उद्यमी और स्वंय सहायता समूह के लोग परेशान है।माँझी ने कहा कि उद्यमियों और स्वयं सहायता समूह के लिए राज्य में जीविका के माध्यम से हर वर्ष सरस मेला का आयोजन किया जाता है परंतु मेले की आड़ में जीविका के पदाधिकारी स्वयं सहायता समूह और उधमियों का शोषण कर रहे हैं।माँझी ने कहा कि मेरे पास कई स्वयं सहायता समूह के लोग और उद्यमी आए थे सब ने बताया की जीविका के पदाधिकारी मेले में स्टॉल के नाम पर मोटी रकम की वसूली कर रहे हैं।

जब मैंने इस मामले की जानकारी ली तो पता चला कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बहाने जीविका के कई पदाधिकारी सरस मेले में स्टॉल के अवैध आवंटन के नाम पर वसूली में जुटे हैं जिससे स्वयं सहायता समूह के लोगों में खौफ का माहौल है। कई स्वयं सहायता समूह के लोगों ने जब मेले के नाम पर अवैध वसूली का विरोध किया तो उनके साथ नाके पर मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया है बल्कि उनको प्लॉट लिस्टेड करने की धमकी भी दी गई।

माँझी ने कहा कि आखिर एक ही पदाधिकारी जीविका में कई वर्षों से एक ही जगह पर कैसे पदस्थापित है? किसके इशारे पी जीविका में फर्जी नियुक्त किया हो रही है? यह सब जांच का विषय है।माँझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माँग करते हुए कहा कि वह अविलंब जीविका में हुए नियुक्ति और उसके द्वारा आयोजित सरस मेला स्टॉल आवंटन मामले में हस्तक्षेप करें और लूट-खसोट करने वाले पदाधिकारियों को चिन्हित कर उनके ऊपर में कार्रवाई सुनिश्चित करें।