हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से०) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने झारखंड सहित हिंदुस्तान के 13 राज्यों में स्थानीय नियुक्तियों में अपने राज्यों के 70 से 100ः तक प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।

बिहार में उसके विपरीत बाहर के ही उम्मीदवार 70 या 80ः हिस्सा ले लेते हैं।जैसा कि पिछले प्रोफेसर के नियुक्ति मे देखा गया है। मांझी ने कहा कि इसके नतीजे हमारे बिहार के युवा, युक्ति बेरोजगारी का दंश सहने को बाध्य हो रहे हैं।

हमारी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से०) राज्य सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द अन्य राज्यों की भांति बिहार के उम्मीदवारों को बिहार में होने वाली नियुक्तियों में कम से कम 80 से 90ः का हिस्सा सुनिश्चित करें ।