चीन के वुहान शहर में फैला जानलेवा कोरोना वायरस दुनियाभर के लिए नई समस्या बनकर सामने आया है। यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वायरस को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट करार दिया है। अभी तक इस वायरस के चलते चीन में कुल 213 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार तमाम देशों में कोरोना वायरस से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। अमेरिका में भी कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है, जिसमे कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से एक अन्य व्यक्ति को इस वायरस ने अपनी जद में लिया है।

डब्ल्यूओ द्वारा कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट घोषित किए जाने के बाद अन्य देश यह फैसला ले सकते हैं कि वह अपनी सीमा को बंद करना चाहते हैं, विमान सेवा को रद्द करना चाहते हैं, एयरपोर्ट पर आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर सकते है, या फिर अन्य जरूरी कदम इस वायरस से बचने के लिए उठा सकते हैं। इससे पहले गुरुवार को इटली के प्रधानमंत्री जी कोंटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चीन से आने वाले सभी उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इटली ने यह फैसला अपने देश में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद लिया है।